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राजस्थान के शिक्षा विभाग का गजब कारनामा ! इस विषय के टीचर नियुक्त कर सिलेबस तैयार करना ही भूला

पाठ्यक्रम लागू नहीं करने का असर कंप्यूटर शिक्षकों के कार्यों पर भी पड़ा। प्रशासन ने उनका उपयोग गैर शैक्षिक कार्यों में भी शुरू कर दिया। उन्हें विभिन्न शिविरों व बीएलओ सरीखे कार्यों में प्रतिनियुक्ति दी जाने लगी। जिसे लेकर कंप्यूटर शिक्षकों में आक्रोश भी उपजा। कंप्यूटर शिक्षकों की मांग है कि उन्हें जॉब वर्क के अनुसार ही कार्य करवाया जाए। गैर शैक्षिक कार्य नहीं करवाए जाए।

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Sikar News : सीकर. इसे विडंबना कहें या सरकारी लापरवाही। सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर अनुदेशकों की नियुक्ति के एक साल बाद भी कक्षा एक से आठ तक का कंप्यूटर शिक्षण का पाठ्यक्रम तय नहीं हो पाया है। ऐसे में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक होने के बाद भी आठवीं तक के विद्यार्थियों को जहां कंप्यूटर शिक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, इन शिक्षकों को भी अन्य गैर शैक्षिक कार्यों में लगाया जाने लगा है। शिक्षा विभाग के जॉब चार्ट के अनुसार बेसिक व वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशकों को कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार कंप्यूटर पढ़ाना है।

इसके लिए उन्हें सप्ताह में 42 पीरियड लेने हैं। आइसीटी लैब की सार-संभाल, शाला दर्पण या अन्य आनलाइन व तकनीकी कार्य भी उन्हें दिए गए है। कक्षा 9 से 12 तक का पाठ्यक्रम तय होने पर उनकी कक्षाएं तो फिर भी संचालित रही, लेकिन पाठ्यक्रम की कमी से कक्षा आठ तक की पढ़ाई नहीं हो सकी।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 9862 पदों के लिए जून 2022 में भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। जनवरी 2023 परिणाम जारी कर अप्रेल 2023 में चयनित 5847 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई थी। पर 2023 का पूरा सत्र निकलने पर भी कक्षा आठ तक का पाठ्यक्रम तय नहीं होने से उनकी उपस्थिति का लाभ छोटी कक्षाओं को नहीं मिल पाया।

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कंप्यूटर शिक्षकों में आक्रोश
पाठ्यक्रम लागू नहीं करने का असर कंप्यूटर शिक्षकों के कार्यों पर भी पड़ा। प्रशासन ने उनका उपयोग गैर शैक्षिक कार्यों में भी शुरू कर दिया। उन्हें विभिन्न शिविरों व बीएलओ सरीखे कार्यों में प्रतिनियुक्ति दी जाने लगी। जिसे लेकर कंप्यूटर शिक्षकों में आक्रोश भी उपजा। कंप्यूटर शिक्षकों की मांग है कि उन्हें जॉब वर्क के अनुसार ही कार्य करवाया जाए। गैर शैक्षिक कार्य नहीं करवाए जाए।

शिक्षा विभाग जल्द तैयार करे सिलेबस
आज कंप्यूटर के युग में कंप्यूटर शिक्षण की शुरुआत प्राथमिक कक्षाओं से होनी चाहिए। शिक्षा विभाग को कक्षा आठ तक का पाठ्यक्रम जल्द तैयार कर इसी सत्र से कंप्यूटर विषय का शिक्षण शुरू करना चाहिए। ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके। इससे विद्यार्थियों का कौशल व कंप्यूटर अनुदेशकों की उपयोगिता दोनों बढ़ेगी। महेंद्र पांडे, मुख्य महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ

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