
2100 दीपों की महाआरती से मूर्त हुई महाअष्टमी
सीकर. दमकते 2100 दीपों की दीप्ती...जगमगाती जाज्वल्यमान ज्योत और हजारों श्रद्धालुओं के हुजूम के बीच आरती का सामूहिक गान। रामलीला मैदान में रंगीन रोशनियों से सजे मां दुर्गा के दरबार में रविवार को महाआरती हुई तो महाअष्टमी मूर्त हो गई। राजस्थान पत्रिका व रामलीला मैदान सार्वजनिक दुर्गा पूजा महोत्सव समिति की ओर से आयोजित महाआरती में पांडाल मां जगदंबा के जयकारों से गूंज उठा। आस्था उल्लास के साथ चारों ओर बिखर पड़ी। भक्ति गीतों में नन्ही -मुन्ही बच्चियों ने नृत्य किया, तो भक्तों का मन भी झंकृत हो झूमने लगा। प्रस्तुतियों से मन मोहने वाली बच्चियों ने पुरस्कार भी प्राप्त किए, तो उनके चेहरे भी खुशी से दमक उठे। कार्यक्रम में राजस्थान पत्रिका के शाखा प्रबंधक निश्चल जैन, सार्वजनिक दुर्गा पूजा महोत्सव समिति सचिव संपत सिंह, सुभाष बहड़ सहित शहर के कई गणमान्य लोगों ने आरती का आनंद लिया।
महाअष्टमी: कन्याओं को पूजा, पैर धोकर पाया चरणामृत
सीकर. शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर शहर भक्तिमय रहा। घर से लेकर प्रतिष्ठानों और पांडालों में मां दुर्गा की ज्योत ली गई। भगवती स्वरूप कन्याओं की पूजा की गई। उन्हें भोजन करवाकर दक्षिणा दी गई। शक्ति के भक्तों ने कन्याओं के पैर धोकर चरणामृत लिया। जगह जगह महाआरतियों और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। दिनभर मां जगदंबा के जयकारों की गूंज रही। धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी परवान पर रहे। इस दौरान माधोगंज दुर्गा पूजा महोत्सव में मां दुर्गा को छप्पन भोग लगाया गया। माथुर कॉलोनी में आदर्श नवयुवक मंडल की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव में हवन सहित कई धार्मिक आयोजन हुए। सिटी डिस्पेंसरी नम्बर, सुभाष चौक, आनंद नगर, दधीमति मंदिर, राज राजेश्वरी देवी मंदिर सहित विभिन्न पांडालों में इस दौरान माता को विशेष भोग लगाकर पूजन किया गया।
Published on:
07 Oct 2019 11:53 am
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