
हमले के डर से बुलेटप्रूफ जैकेट में कुख्यात अपराधी की पेशी ,हथियारों से लेस पुलिस के जवानों ने की सुरक्षा
विक्रम सिंह सोलंकी, सीकर.
बीरबल हत्याकांड ( Birbal Murder Case ) में शामिल हार्डक़ोर पवन शूटर ( Hardcore criminal Pawan shooter ), सोमपाल व मनोज को गुरुवार दोपहर कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। अपराधी पवन शूटर को बुलेट प्रूफ जैकेट ( Bulletproof Jacket ) पहनाकर सीकर कोर्ट ( sikar court ) में लाया गया। पवन के साथ पेश किए गए दो अन्य अपराधियों को कड़े पहरे में लाया गया। शहर कोतवाल कन्हैयालाल, बीएल सेहरा सहित करीब चालीस की संख्या में हथियारों के साथ पुलिस व क्यूआरटी टीम के जवान मौजूद थे।
पवन शूटर को कोर्ट में ही बुलेट प्रूफ जैकेट ( Criminal Pawan Shooter in Bulletproof Jacket ) पहनाकर लाया गया था। चारों तरफ Police का पहरा लगाकर तीनों को कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया। बता दें कि अलखपुरा बेगन निवासी रामवतार पुत्र मोहनराम ने 26 जून 2010 को नेछवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने रिपोर्ट दी कि रात को मेरे घर पर जागरण था। बहनोई बीरबल सिंह पुत्र मुकनाराम निवासी बासनी रात को जागरण में नहीं पहुंचे। उन्हें दिन में सूचना मिली कि बहनोई की बोलेरो नरसास की रोही में खड़ी है। उसमें बहनोई का शव पड़ा हुआ था। बीरबल की गोली मार कर हत्या कर दी गई। उन्होंने रिपोर्ट में महेंद्र पुत्र रणजीत जाट निवासी बासनी, मनोज पुत्र जैतसिंह, किशोर पुत्र जवाहराम, राजू पुत्र सीताराम, भागीरथ पुत्र भंवरसिंह, हरीराम पुत्र परसाराम, गोकुल पुत्र मनोज, कुलदीप पुत्र मुरारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या करने की बात कहीं।
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अवैध शराब के धंधे को लेकर रंजिश, हत्या करने किराए की गाड़ी ले गए
महेंद्र सिंह व बनवारीलाल ढाका के आपस में अवैध शराब को लेकर आपसी रंजिश थी। बनवारीलाल और साथी औंकार सेवदा ने सरला नाम की महिला से मिलकर महेंद्र के चेहरे पर तेजाब डाल दिया था। महेंद्र की दोनों आखों की रोशनी व चेहरा झुलस गया था। महेंद्र दोनों से इसी घटना को लेकर बदला लेना चाहता था। बनवारीलाल का बहनोई मृतक बीरबल था और वह आर्थिक मदद करता था। बनवारीलाल तब जेल में था। इन्होंने बदला लेने की योजना बनाई। बीरबल जागरण में जाने के लिए निकला तो सुनीता ने फोन कर जानकारी दी। बीरबल और महेंद्र सिंह आसपास रहते थे। महेंद्र सिंह अपने साथियों मनोज कुमार, किशोर, अरविंद, अनिल, गोकुल, पवन, छोटू, गिरवर सिंह, विजय कुमार व अन्य को लेकर गए। उन्होंन टवेरा किराए पर ली। चालक को रास्ते में छोड कर दोस्त से मिलने की बात कहीं। रास्ते में बीरबल की बोलेरो से आगे गाडी़ लगा कर रोक लिया। गोली मार हत्या कर दी और शव को बोलेरो में छोड़ गए।
Updated on:
29 Nov 2019 12:36 pm
Published on:
29 Nov 2019 12:35 pm
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