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राजपूत इंजीनियर दूल्हा सिर्फ एक जोड़ी कपड़े में लेकर आया दुल्हन

हाल ही शादियों के सीजन में सीकर और झुंझुनूं जिले में राजपूत समाज के चार दूल्हों ने बिना दहेज के शादी कर अनूठ मिसाल पेश की है।

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rajput shadi sikar

सीकर. शेखावाटी में राजपूत समाज के दूल्हे अपनी शादी में समाज को अच्छा संदेश दे रहे हैं। हाल ही शादियों के सीजन में सीकर और झुंझुनूं जिले में राजपूत समाज के चार दूल्हों ने बिना दहेज के शादी कर अनूठी मिसाल पेश की है।

झुंझुनूं जिले के गांव बड़ाऊ और कोलाली में दो दूल्हों ने दहेज में मिल रहे 11 लाख और 5 लाख रुपए लौटा दिए। वहीं सीकर में एक राजपूत दूल्हे ने महज 17 हजार रुपए के खर्चे में 17 मिनट में बेहद सादगी से शादी की। इसी कड़ी में अब सीकर जिले के गांव बेरी के प्रभूसिंह शेखावात के बेटे का नाम भी शामिल हो गया है।

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सीकर की ग्राम पंचायत बेरी के सरपंच प्रभू सिंह शेखावत ने अपने इंजीनियर बेटे की शादी बिना दहेज के कर समाज को दहेज रहित शादी करने का संदेश दिया है। शादी में आए मेहमानों ने भी बिना नकदी और सामान लिए की गई शादी की जमकर सराहना करते हुए दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया।

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सरपंच प्रभू ङ्क्षसह का कहना था कि करीब १२ साल पहले उन्होंने परिवार के लोगों के साथ मृत्युभोज बंद करने का निर्णय लिया था। उसी दौरान बेटे गौरवपाल सिंह की शादी भी बिना दहेज लिए करने का संकल्प लिया था। जिसे पूरा किया है ताकि, समाज के बाकी लोग भी इससे प्रेरित हो सकें।

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हालांकि सांवरोद निवासी अमर सिंह जो कि, दुल्हन बबीता कंवर के पिता है। उनको पहले ही आगाह कर दिया था कि दुल्हन को वे एक जोड़ी कपड़ों में ले जाएंगे। दुल्हन के लिए बरी लेकर गए थे। वहीं पहनाकर उसे ले आए और दूल्हे सहित बारातियों की जुआंरी भी दुल्हन पक्ष से नहीं ली गई।