
Sikar News: शहर में बीकानेर बस स्टैंड तथा स्टेशन बाजार में वाहन चालकों की मनमानी लखदातार के श्रद्धालुओं को भारी पड़ रही है। ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं को निकलने तक का रास्ता नहीं मिल रहा है। वाहन चालकों की मनमानी इतनी अधिक है कि यात्री पैदल तक नहीं निकल पा रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस व प्रशासन समस्या का निदान नहीं कर रही है।
रेलवे स्टेशन के बाहर बीकानेर बस स्टैंड तथा स्टेशन बाजार में सैकड़ों जीप व कैम्पर चालकों का जमावड़ा रहता है। ट्रेन के आते ही वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। चालक वाहनों को इस तरह से खड़ा करते हैं कि पैदल यात्री का सड़क पार करना नामुमकिन हो जाता है। जैसे-तैसे कर यात्री सड़क पार कर पा रहे हैं। पुलिस व प्रशासन भी कई बार वाहन चालकों को समझा चुके हैं, इसके बावजूद समस्या जस की तस है।
अल सुबह तथा रात को आने वाली ट्रेनों के समय पर तो स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। रात को बीकानेर बस स्टैंड तथा स्टेशन बाजार में सैकड़ों वाहन चालक अपने वाहनों को इस तरह से खड़ी करते है कि पैदल यात्री निकल ही नहीं पाता। इससे पैसेंजर बीच रास्ते में ही फंस रहा है।
श्याम श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बाद अचानक से ही क्षेत्र में सीकर, नीमकाथाना तथा जयपुर जिले से वाहन चालक पहुंच रहे हैं। यहां के वाहन चालक अपने-अपने रिश्तेदारों को बुला कर वाहन लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि रेलवे स्टेशन बाजार, गौशाला रोड, नीमनगर बीकानेर बस स्टैंड तथा पुराना बस स्टैंड, संस्कृत पाठशाला की तरफ वाहनों का जमावड़ा लग गया। यही नहीं ओवर ब्रिज के नीचे भी वाहनों की भरमार है। ऐसे में रेलवे स्टेशन के चारों ओर वाहनों का जमावड़ा है। आए दिन वाहन चालक आपस में झगड़ा भी कर रहे है। इससे लोगों में भी भय है।
बीकानेर बस स्टैंड पर राजकीय सीनियर सैकेण्डरी स्कूल है। स्कूल तक में जाने का रास्ता बच्चों को वाहनों की वजह से नहीं मिल पा रहा। बताया जा रहा है कि बच्चे काफी दूर का चक्कर लगा कर दूसरे रास्ते से स्कूल पहुंच रहे है। इससे अभिभावको में भी भय व्याप्त है।
वाहन चालक श्रद्धालुओं से मनमर्जी का किराया वसूल रहे हैं। बताया जा रहा है कि सरकारी दर 15 से 20 रुपए है, लेकिन किराया 100-300 रुपए तक वसूले जा रहे है। किराये के चक्कर में आए दिन वाहन चालक व यात्रियों में तकरार भी हो रही है, लेकिन फिर भी कोई सुध नहीं ले रहा है।
बीकानेर बस स्टैंड पर लगने वाले वाहन चालको के पास ना तो वाहनों के पूरे कागज है और ना ही टैक्सी नम्बर। हालत यह है कि कैम्पर तक में यात्रियों को ऊपर-नीचे बैठा कर खाटूश्यामजी छोड़ा जा रहा है। इस पर परिवहन विभाग व पुलिस विभाग भी कार्यवाही नहीं कर रहे है। इससे वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं।
Updated on:
28 Oct 2024 11:53 am
Published on:
28 Oct 2024 11:53 am
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