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इस मामले खत्म हो गई सीकर की बादशाहत, राजस्थान के बाकी जिलों के हाल भी चौंकाने वाले

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी रैंकिंग में सीकर पिछड़ते हुए 12वें स्थान पर जा पहुंचा है।

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सीकर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा में कभी शिखर पर रहा सीकर जिला शिक्षा अधिकारियों की कोताही और विभाग के आला अधिकारियों की लगातार अनदेखी के चलते पिछड़ता जा रहा है। हाल ये हैं कि माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी रैंकिंग में जिला प्रदेश की टॉप-10 में भी नहीं है।


शिक्षा के गिरते स्तर का ही परिणाम है कि सीकर प्रदेश में पिछड़ते हुए 12वें स्थान पर जा पहुंचा है। फरवरी में दो बार जारी रैंकिंग में महज सुकून की बात इतनी रही कि सीकर 12 वें स्थान पर पहुंच गया। इसका कारण है जो मापदण्ड रैंकिंग में तय है उनमें से अधिकांश में संशोधन इस सत्र में किया जाना संभव नहीं रह गया है।

28 बिन्दुओं पर रैंकिंग
विद्यालयों व जिलों की यह रैंकिंग 28 बिन्दुओं के आधार पर तय की गई है। इनमें से बांसवाडा व करौली जिले सबसे पीछे हैं। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि शाला दर्शल पोर्टल को अपडेट नहीं किया गया है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के एडीपीसी रोहिताश गोदारा का कहना है कि कई मामलों में हमारा जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। लेकिन संस्था प्रधान शाला दर्पण पोर्टल को अपडेट नहीं कर रहे, इस कारण हम पीछे रह गए हैं। संस्था प्रधानों को नोटिस दिए गए हैं। शेखावाटी में चूरू जिला सबसे ऊपर व झुंझुनूं नौंवे स्थान पर है।


प्रदेशभर में शिक्षा की स्थिति...
रैकिंग - अंक
1. चूरू 176.53
2. हनुमानगढ़ 173.2
3. बूंदी 163.82
4. कोटा 158.88
5. झालावाड़ 155.89
6. बीकानेर 154.12
7. जयपुर 153.90
8. सिरोही 151.24
9. झुंझुनूं 151.07
10. स.माधोपुर 150.92
11. बाड़मेर 149.76
12. सीकर 149.34
13. गंगानगर 148.61
14. अलवर 148.53
15. धौलपुर 147.81
16. अजमेर 146.25
17. जैसलमेर 145.48
18. जोधपुर 144.23
19. उदयपुर 143.34
20. जालोर 143.27
21. पाली 143.02
22. डूंगरपुर 141.67
23. चित्तौडगढ़़ 141.64
24. भीलवाड़ा 141.59
25. नागौर 139.18
26. दौसा 137.96
27. बारां 135.07
28. प्रतापगढ़ 132.64
29. भरतपुर 131.15
30. राजसमंद 130.44
31. टोंक 128.08
32. करौली 124.18
33. बांसवाड़ा 121.91


परिणाम से पहले ही'खामियां, रीट 2017 प्रथम लेवल भर्ती परीक्षा मामला


सीकर. राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) देने वाले राज्य के लाखों विद्यार्थी परिणाम आने से पहले ही परेशान होने लग गए हैं। अनेक सवालों के जवाब गलत आने से वे अब उनके जवाब सुधरवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। आपत्तियों से पहले ही खुद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दो सवाल/ जवाब तो गलत मान भी लिए हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने रीट 2017 की प्रथम लेवल परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी है। इस आंसर-की में अंग्रेजी द्वितीय के प्रश्न संख्या 77 को तो बोर्ड ने खुद ने गलत मान लिया है। इसके बोनस अंक दे दिए हैं। इसके अलावा गणित के प्रश्न संख्या 109 के सवाल/जवाब को भी बोर्ड ने गलत मान लिया है। इसके भी बोनस अंक अब से पहले दे दिए हैं। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि दो सवालों के अलावा भी अनेक सवाल गलत हैं। इसके अलावा अनेक सवालों के सभी विकल्प ही गलत हैं।


...तो सत्र की शुरुआत में नहीं मिलेगी नौकरी


यदि बोर्ड व शिक्षा विभाग की कार्य की रफ्तार यही रही तो नए शिक्षा सत्र से नए शिक्षकों को नौकरी मुश्किल ही मिल पाएगी। क्योंकि परीक्षा हुए एक माह से अधिक का समय हो गया, अब आंसर-की तो जारी कर दी गई, लेकिन वह भी केवल प्रथम लेवल की जारी हुई है। दूसरे लेवल की आंसर की का अभी इंतजार है। आंसर-की पर बोर्ड ने 22 मार्च को रात 12 बजे तक आपत्तियां मांगी है। इसके बाद इसी प्रकार दूसरे लेवल की आंसर-की जारी कर उस पर आपत्तियां मांगी जाएगी।

ऐसे दर्ज कराएं आपत्तियां


रीट के समन्वयक ने बताया कि प्रथम लेवल की आंसर की माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। जो विद्यार्थी अपनी अपत्तियां दर्ज करवाना चाहते हैं, वे बोर्ड की वेबसाइट पर लिंक रीट 2017 आंसर की ऑप्शन पर जाकर 22 मार्च को रात 12 बजे तक ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं।


द्वितीय लेवल की आंसर-की जारी


प्रथम लेवल के बाद बोर्ड ने शुक्रवार को बोर्ड ने द्वितीय लेवल की आंसर-की जारी कर दी, सबसे ज्यादा विद्यार्थी द्वितीय लेवल में थे। इसके लिए अभ्यर्थियों से 31 मार्च तक आपत्ति मांगी हैं।