
बजरंगलाल कुल्हरी: 39 की उम्र में लगी 20 सरकारी नौकरी, पसंद नहीं आने सभी को छोड़ी, अब ये है अगला टारगेट
फतेहपुर.
बेरोजगारी के इस दौर में एक नौकरी हासिल करना युवाओं के लिए चुनौती बना हुआ है, वहीं शेखावाटी के इस युवा ने मेहनत के दम पर एक-दो नहीं पूरी 20 प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर रेकार्ड बनाया है। यह कहानी है फतेहपुर इलाके के उदनसरी गांव निवासी बजरंगलाल कुल्हरी ( Bajranglal Kulhari ) की। बजरंग लाल ने 39 वर्ष की उम्र में 20 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर ली। इनमें से पन्द्रह भर्तियों में अंतिम चयन भी हो गया। पसंदीदा पद नहीं मिलने के कारण कई नौकरी तो ज्वाइन ही नहीं की, तो कई जगह ज्वाइन की तो वहां से किसी दूसरे अच्छे पद पर चयनित होने के बाद वह नौकरी छोड़ दी। अभी चौथी नौकरी कर रहे हैं। उनका उच्च पदों पर जाने के लिए संघर्ष जारी है। बजरंगलाल का कहना है कि यदि युवा लक्ष्य बनाकर मेहनत करें तो कोई भी मंजिल कठिन नहीं है।
नौकरी के साथ की पढ़ाई
17 वर्ष की आयु में 1998 में भारतीय नौसेना में नौसैनिक के पद पर कॅरियर की शुरुआत की। इसी दौरान उनका चयन भारतीय वायु सेना में भी हो गया था। नौसेना में रहते हुए बजरंग ने स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद भी उन्होंने पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा। नौकरी के दौरान बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर लिया। नौकरी करते हुए ही 2006 में भारतीय कोस्ट गार्ड की सहायक कमांडेंट भर्ती की लिखित परीक्षा को टॉप किया। 2006 में ही केन्द्रीय पुलिस फोर्स में सहायक कमांडेंट की लिखित परीक्षा पास कर ली। नौ सेना से सेवानिवृत होने के बाद तो उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा पास करने की झड़ी सी लगा दी।
अब तक इन पदों पर चयन
सबसे पहले 1998 में इंडियन नेवी, 1998 में ही इंडियन एयरफोर्स, 2012 में एसबीआइ क्लर्क व सीजीएल व आइबीपीएस क्लर्क, 2013 व14 में सीजीएल व आइबीपीएस क्लर्क, 2013 की आरएएस में जेसीटीओ के लिए चयनित हुए। 2013 में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में जूनियर एकाउंटेंट, 2014 में पीजीटी हरियाणा व सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर, 2015 में स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा में ऑल राजस्थान में 16 वीं रैंक मिली। 2016 में पीजीटी हरियाणा व 2016 में आरएएस भर्ती परीक्षा में आरटीएस के रूप में चयनित हुए। वर्तमान में बिसाऊ में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।
तीन बार क्लीयर की सीजीएल
कुल्हरी ने वर्ष 2012, 2013 व 2014 में सीजीएल परीक्षा पास की। परिणाम के बाद उन्हें सीएजी ऑडिटर के पद पर नियुक्ति मिली। लेकिन वे आयकर निरीक्षक का पद चाहते थे। सीएजी ऑडिटर पर ज्वाइन नहीं किया।
दो वर्ष तक बच्चों को पढ़ाया व खुद की तैयारी
2015 में आरपीएससी स्कूल व्याख्याता परीक्षा में अर्थशास्त्र विषय में 16 वें स्थान के साथ सामान्य वर्ग से चयनित हुए। दो वर्ष तक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरजपुरा अजमेर में सेवाएं दी। इससे पहले केनरा बैंक में सेवाएं दी।
Published on:
12 Feb 2020 04:55 pm
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