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रहें सतर्क ! जरा सी लापरवाही जोखिम में डाल सकती है जान, बाजार जाने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर

Sikar Crime News : सीकर में उगाही के नोटों ( Collection in Market ) पर लुटेरों की नजर है। ऐसे में दुकान, बिजली निगम, फाइनेंस कंपनी व अन्य संस्थाओं की उगाही करने वाले कर्मचारियों को सतर्क हो जाना चाहिए।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Jan 07, 2020

रहें सतर्क ! जरा सी लापरवाही जोखिम में डाल सकती है जान

रहें सतर्क ! जरा सी लापरवाही जोखिम में डाल सकती है जान

सीकर.

Sikar crime News : सीकर में उगाही के नोटों ( Collection in Market ) पर लुटेरों की नजर है। ऐसे में दुकान, बिजली निगम, फाइनेंस कंपनी व अन्य संस्थाओं की उगाही करने वाले कर्मचारियों को सतर्क हो जाना चाहिए। जरा सी लापरवाही जान जोखिम में डालने के साथ बड़ी परेशानी पैदा कर सकती है। जयपुर रोड पर पिस्तौल दिखाकर व्यापारी का रुपए से भरा थैला लूटने के प्रयास के मामले के बाद सीकर में हूई लूट की वारदातों पर नजर डाली जाए तो सामने आता है कि अधिकतर वारदातों को रैकी के बाद अंजाम दिया गया। लुटेरों ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए भी जुगत निकाल ली है। वारदात को चेहरे पर नकाब लगाकर अंजाम दिया जाता है। ऐसे में पुलिस तलाश से पहले लुटरों की पहचान में ही उलझ जाती है।


रैकी और वारदात के लिए अलग टीम
लुटेरे रैकी और वारदात के लिए अलग टीम बनाकर वारदात करते हैं। सबसे पहले यह देखा जाता है कि किस प्रतिष्ठान और संस्थान की प्रतिदिन बड़ी मात्रा में आती है। इसके साथ यह भी ध्यान रखा जाता है कि किस दुकान से बड़ी मात्रा में सामान का पैसा बड़ी मात्रा में मिलता है।


लूटरों का दूसरा समूह इसकी रैकी कर वारदात को अंजाम देने वाले साथियों को इसकी सूचना देता है। ऐसे में पुलिस को रैकी के फु टेज नहीं मिल पाते। जयपुर रोड पर हुई वारदात में भी ऐसा ही हुआ है। पुलिस ने व्यवसायी रौनक अग्रवाल के अपनी दुकान के रवाना होने के बाद उगाही पर जाने के स्थान के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए हैं, लेकिन कहीं पर भी लुटेरों के फुटेज नहीं मिल पाए है।


हाउसिंग बोर्ड में गुम हो गए लुटेरे
जयपुर रोड पर व्यवसायी से लूट का प्रयास करने वाले लुटरे शहर से बाहर किस रास्ते से निकले। तीन दिन बाद भी पुलिस को पता नहीं चल पाया है। लुटेरे पेशेवर अपराधी हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अंधेरे में बिना लाइट के ही बाइक चलाई।


जयपुर रोड से गली में होते हुए रोडवेज डिपो के माताजी मंदिर तक पहुंचे। इसके बाद एक बार कच्ची बस्ती की तरफ गए। बाद में हाउसिंग बोर्ड की तरफ आए। पुलिस को इसके आगे की जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने जयपुर रोड, सांवली रोड, रामलीला मैदान सहित अन्य क्षेत्रों के सीसीटीवी की जांच की है, लेकिन किसी भी रास्ते में उनके फुटेज नहीं मिल पाए हैं।


गंभीरता चाहिए...
किसी भी संस्थान और प्रतिष्ठान की उगाही के दौरान सतर्कता रखने की आवश्यकता है। कहीं भी संदिग्ध व्यक्ति पीछा करता दिखाई दें सुरक्षित जगह खड़े होकर पुलिस को इसकी सूचना दें। प्रतिष्ठान के मालिकों को भी गंभीरता रखनी चाहिए। -डॉ. देवेन्द्र शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक, सीकर