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सीकर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत को नगर पालिका बनाने को आमादा ग्रामीण, कहा… लेकर रहेंगे हक

दांता को नगर पालिका व अजबपुरा को ग्राम पंचायत बनाने के लिए ग्रामीणों ने की आवाज बुलंद।

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सीकर

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Gaurav kanthal

Jun 16, 2019

sikar

सीकर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत को नगर पालिका बनाने को आमादा ग्रामीण, कहा... लेकर रहेंगे हक

दांतारामगढ़. दांता के खेतान भवन में दांता कस्बे को नगर पालिका बनाने को लेकर ग्रामवासियों ने बैठक आयोजित कर संघर्ष समिति का गठन किया। ग्रामवासी काफी लंबे समय से दांता को नगर पालिका बनाने को लेकर संघर्षरत हैं, दांता सीकर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। लेकिन आज तक दांता की इस बड़ी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है। बैठक के दौरान 29 लोगों की संघर्ष समिति का गठन किया गया। संघर्ष समिति विधायक वीरेंद्र सिंह से मिलकर नगरपालिका की मांग करेगी और यदि जल्द ही इस मामले में संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिला तो दांता ग्रामवासी संघर्ष समिति के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा।
अजबपुरा जल्द बने ग्राम पंचायत
शिश्यूं. राज्य सरकार के हाल ही में जारी परिसीमन सीमांकन आदेश के बाद पंचायत समिति पिपराली की सांगरवा ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम अजबपुरा को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व ग्राम अजबपुरा को ग्राम पंचायत बनाने के बाद आमजन को गहरी राहत मिलेगी तथा ग्रामवासियों को विकास कार्य करवाने व आमजन के कार्य करवाने में भी सुविधा होगी। सांगरवा सरपंच सरिता कुमावत का कहना है कि अजबपुरा से सांगरवा की दूरी 10 किलोमीटर है।

बेनतीजा रही वार्ता
पलसाना. धार्मिक स्थल जीणमाता में मंदिर ट्रस्ट व प्रशासन के खिलाफ पिछले चार दिन से अनशन पर बैठे बत्तीसी संघ के सदस्यों से बातचीत करने शनिवार शाम को उपखण्ड अधिकारी व थानाधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे। लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। ऐसे में अब रविवार सुबह एक बार फिर से धरने पर बैठे लोगों से वार्ता की जाएगी।
देर शाम धरना स्थल पर पहुंचे दांतारामगढ़ उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार रणवां ने अनशनकारियों को समझाया कि विवादित तिब्बारे का स्थान वन विभाग में होने के कारण वहां किसी को भी निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती इस पर अनशन पर बैठे रोहिताश गुर्जर व अन्य सदस्यों ने कहा कि जीणमाता के मुख्य बाजार में ग्राम पंचायत व पुजारियों की निजी दुकानें धर्मशालाओं के तिब्बारों पर चल रही है उन्हें भी हटाया जाये तथा मंदिर व्यवस्था के संबन्ध में भी आपत्ति जताई। इस पर दोनों पक्षों में काफी देर बहस भी हुई। इस बीच अनशनकारियों की धमकी प्रशासन को चेतावनी दी कि जल्द उनकी मांगे नही मानी गई तो सैंकड़ों की संख्या में लोग धरने में शामिल होंगे। इस पर रानोली थानाधिकारी और धरनार्थियों के बीच एकबारगी काफी गर्मा गर्मी भी देखने को मिली। एसडीएम ने धरने पर लोगों के साथ ही मंदिर पुजारियों से भी बातचीत की। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद अधिकारियों को बनतीजा लौटना पड़ा।