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बीए-एमए से आगे की सोच…., नए जमाने के पाठ्यक्रम बन रहे यूथ की पहली पसंद

सरकारी के साथ निजी क्षेत्रों में बेहतर कॅरियर वाले पाठ्यक्रमों को चुन रहा यूथसरकारी महाविद्यालयों में परम्परागत कोर्स नहीं होने से यूथ को मजबूरी में जाना पड़ रहा निजी काॅलेजों मेंबीए के साथ आरएएस व लॉ सहित अन्य पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करना ज्यादा बेहतर समझ रहे विद्याथीर्इंजीनियरिंग व मेडिकल के साथ दूसरे पाठ्यक्रमों की तरफ बढ़ रहा क्रेज

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सीकर

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Ajay Sharma

Jun 17, 2023

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बीए-एमए से आगे की सोच...., नए जमाने के पाठ्यक्रम बन रहे यूथ की पहली पसंद,बीए-एमए से आगे की सोच...., नए जमाने के पाठ्यक्रम बन रहे यूथ की पहली पसंद

अजय शर्मा
बढ़ती बेरोजगारी के बीच युवाओं ने अब कॅरियर की राहें भी थोड़ी बदल ली है। किसी दौर में युवाओ का पूरा फोकस बीए व एमए सहित अन्य कोर्स की तरफ था। अब नए सेक्टरों में लगातार रोजगार की संभावनाएं बढ़ने के बाद यूथ का जुड़ाव नए जमाने के कोर्स की तरफ बढ़ रहा है। इसके लिए हमारे निजी कॉलेज भी लगातार नए पाठ्यक्रमों के संचालन में पूरा उत्साह दिखा रहे हैं। इंजीनियरिंग व डॉक्टरी के साथ युवाओं का जुड़ाव सबसे ज्यादा प्रोफेशनल कोर्स की तरफ बढ़ रहा है। वहीं जो युवा बीए में दाखिला भी ले रहे है वह भी किसी न किसी प्रोफेशनल कोर्स के जरिए अपनी स्किल को बढ़ा रहे हैं। शिक्षानगरी के ज्यादातर यूथ की ओर से बीए-बीएड, बीए-लॉ, बीए आरएएस सहित फार्मा, ऑटिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि में स्नातक, प्रबंधन, फॉर्मेसी, इंजीनियरिंग डिप्लोमा, आयुर्वेद नर्सिंग ऑफिसर, योगिक साइंस, विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रम, डाटा साइंस, साईबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर मैनेजमेंट व एग्रीबिजनेस सहित पाठ्यक्रमों में काफी क्रेज सामने आ रहा है। इसमें शिक्षानगरी के विद्यार्थियों का दर्द यह है कि उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी कॉलेजों में नए जमाने के हिसाब से पाठ्यक्रम शुरू नहीं किए जा रहे है। इस कारण विद्यार्थियों को मजबूरी में निजी कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ रहा है।

हमारे युवा ऐसे बदल रहे कॅरियर की राहें

केस एक: काउंसर की सलाह के बाद बदला फैसला
फतेहपुर रोड निवासी छात्र प्रियन कुमावत ने बताया कि पहले बीएड करने का मन था। लेकिन कॅरियर काउंसर की सलाह के बाद बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है। उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में निजी के साथ सरकारी में भी रोजगार के अवसर होने की वजह से उनको यह विकल्प ज्यादा बेहतर लगा।

केस दो: बीकॉम के साथ सीखी टाइपिंग व स्पोकन
वाणिज्य संकाय के छात्र अनुज कुमार ने बताया कि प्रथम वर्ष के साथ टाईपिंग व स्पोकन के जरिए स्किल निखारने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं अगले साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने की योजना है। उनका कहना है कि हर क्षेत्र में चुनौती बढ़ी है स्किल बढ़ाने की प्लानिंग 12 वीं के बाद से ही शुरू करनी होगी।

केस तीन: नए कोर्स के जरिए रोजगार के विकल्प
साइंस स्ट्रीम से कक्षा 12 वीं पास करने वाले रोहित शर्मा ने बताया कि पहले बीएससी की पढ़ाई करने का मन था। लेकिन काउंसलर से जब कॅरियर की नई संभावनाओं के बारे में जानकारी ली तो फिर रेडियोग्राफर के पाठ्यक्रम में कॅरियर के बारे में पता लगा। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त ने फिजियोथैरपी के क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश लिया है।

यूं करें करिअर का चयन
-दूसरे के आधार पर नहीं बल्कि अपनी क्षमता के हिसाब से करें कॅरियर का चुनाव
-सरकारी के साथ निजी क्षेत्र में बेहतर कॅरियर ऑप्शन वाले पाठ्यक्रमों को चुनना बेहतर
-देखें विद्यार्थियों के बारहवीं के अंक-ग्रेड
-कॉलेज में देखें संकायवार सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन
-यूजी डिग्री के साथ शॉर्ट टर्म कोर्स का करें चयन
-चुनें ऐसे विषय जिससे जुड़ाव
-विषय विशेषज्ञों-काउंसलर्स से करें संपर्क
-चुन सकते हैं उद्यमिता और कौशल विकास से जुड़े कोर्स
-इंटीग्रेट पाठ्यक्रम भी बेहतर विकल्प
-सिविल सर्विस शुरू करने के लिए बेहतर 12 वीं के बाद बेहतर ऑप्शन

कॅरियर को लेकर उलझन तो हमें बताए...
कई विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों में कॅरियर चयन को लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में विद्यार्थियों व अभिभावकों की मदद के लिए पत्रिका ने पहल की है। यदि आपको भी किसी सेक्टर के कॅरियर को लेकर जानकारी चाहिए तो राजस्थान पत्रिका को reporting.sikar@epatrika. पर बता सकते है। आपकी शंकाओं का पत्रिका टीम की ओर से विभिन्न कॅरियर काउंसरों की मदद से शंका का समाधान किया जाएगा।

एक्सपर्ट व्यू... नए पाठ्यक्रमों से खुल रही रोजगार की राहें
नए पाठ्यक्रमों से युवाओं के रोजगार की राहें भी खुल रही है। प्रबंधन, सूचना प्रौद्यागिकी व यौगिक साइंस, आयुर्वेद व इंजीनियरिंग के डिप्लोमा सहित अन्य पाठ्यक्रमों को लेकर युवाओं में सबसे ज्यादा क्रेज देखने को मिल रहा है। वहीं बीए की पढ़ाई के साथ युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करके कॅरियर को नई दिशा देने में जुटे है।
इंजीनियर रणजीत सिंह, एक्सपर्ट, सीकर