2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हिन्दू-मुस्लिम के रिश्तों में मिठास घोल रहे ये दो शख्स, जानिए इनकी पूरी स्टोरी

https://www.patrika.com/sikar-news/

2 min read
Google source verification
churu muslim

sikar muslim

सीकर. जहां एक धर्म के लोग दूसरे धर्म के प्रति असहिष्णु होते जा रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो साबित कर दिखात हैं कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना। ऐसा ही काम चूरू के मुख्तयार अली और लक्ष्मणगढ़ के मोहम्मद तौफिक व उनका परिवार कर रहा है। हिन्दू-मुस्लिम के रिश्तों में मिठास घोलने वाले ये शख्स हर किसी के लिए प्रेरणादायक हैं। आइए जानते हैं इनकी पूरी स्टोरी।

मोक्षधाम की देखभाल कर रहा तौफिक का परिवार

-लक्ष्मणगढ़ के मोहम्मद तौफिक का परिवार करीब छह दशक से लक्ष्मणगढ़ कस्बे में हिन्दुओं के मोक्षधाम (श्मशान) की सफाई, सुरक्षा तथा सौंदर्यकरण का कार्य कर रहा है।
-हालांकि तौफिक का परिवार इस कार्य के लिए नाममात्र का मेहनताना भी लेता है।
-तौफिक के पिता जीवण खां ने करीब 25 सालों तक भूतनाथ श्मशान घाट में सेवा देकर उसे सुंदर बनाए रखा।
-वहीं तौफिक पिछले 10 सालों से कस्बे के उत्तरी-पश्चिमी छोर स्थित जयपुरिया श्मशान घाट पर सौन्दर्यकरण का कार्य कर रहे हैं।
-तौफिक की कड़ी मेहनत ने श्मशान भूमि को पर्यटन स्थल जैसा रमणीक बना दिया हैं।
-यही कारण है कि जिस श्मशान भूमि में अक्सर लोग जाने से डरते हैं, वहां आज सैकड़ों लोग प्रतिदिन मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं।
-तौफिक के चारों बेटे जमील, हारून, सद्दाम व बबलू भी पिता के काम में हाथ बंटाते हैं।
-एक मुस्लिम होकर तौफिक का इस तरह हिन्दू मोक्षधाम के सौन्दर्यकरण में हाथ बंटाना एक तरह से सांप्रदायिक सद्भाव की बड़ी मिसाल कहा जा सकता है।

गायों के लिए रोटियां जुटाता है चूरू का मुख्तयार अली


-चूरू वार्ड 43 निवासी मुख्तयार अली पिछले तीन साल से गली मोहल्लों से रोटी व रुपया मांग कर हनुमानगढ़ी गो सेवा धाम में पहुंचा रहा है।
-उसके इतने लगन से गायों के लिए इस सेवा कार्य को लेकर लोग प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकते।
-मुख्तयार का उद्देश्य बीमार व अपंग गोवंश की सेवा करना है। वर्तमान समय में गोशाला में करीब 350 गोवंश है।
-सरकारी सहायता के बिना उक्त गोशाला में सुबह-शाम करीब 50 गोसेवक स्वेच्छा से कार्य करते हैं।

मन को मिलता है सुकून

गोवंश की सेवा करने वाले मुख्तयार अली ने बताया कि गोवंश की सेवा करने से मन को सुकून मिलता है। गोवंश के लिए रोटी मांगने में कोई झिझक नहीं है। सुबह आठ बजे साइकिल रिक्शा लेकर निकलने वाला मुख्तयार शाम आठ बजे तक गोवंश के लिए एक रुपया एक रोटी एकत्रित करता है।