
यादवेंद्रसिंह राठौड़
एक ओर पूरा देश अयोध्या में भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उत्सव में रंगा हुआ। दूसरी तरफ अयोध्या में गिरफ्तार हुए हिस्ट्रीशीटर शंकर लाल जाजोद व उसके दो साथियों से यूपी एटीएस ने पूछताछ शुरू कर दी है। तीनों आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद खालिस्तानी से जुड़े प्रतिबंधित संगठन सिक्ख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के मुखिया गुरपतवंत ने एक ऑडियो भी जारी कर तीनों को संगठन का सदस्य बताया है। पत्रिका ने इस मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि राजू ठेहट की हत्या के बाद से उसकी पूरी गैंग को हिस्ट्रीशीटर शंकर लाल दुसाद उर्फ शंकर जाजोद पुत्र जयपुर में रहकर ऑपरेट कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी शंकर ने राम मंदिर समर्पण निधि में पैसे भी दिए थे। गैंगस्टर शंकर ने ठेहट गैंग को मजबूत करने के लिए पैसे इकट्ठे करने को लेकर खालिस्तान समर्थकों के इशारे पर पूरा काम करने का शक है। सीकर के जाजोद थाना के थानाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शंकर के खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं।
रामनवमी की शोभायात्रा में हुआ था शामिल
हिस्ट्रीशीटर शंकर लाल दुसाद उर्फ शंकर जाजोद ने कई वर्षों से सीकर शहर में हर साल होने वाले रामनवमी पर भगवान श्रीराम की वाहन रैली व शोभायात्रा में अपने पोस्टर लगवाता था। इतना ही नहीं दो अप्रैल 2023 में आयोजित रामनवमी की शोभायात्रा में भी शरीक हुआ था। वह खुद को हिंदूत्व का चेहरा दिखाने के लिए युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा था। आरोपी ने सीकर में रामनवमी की शोभायात्रा पर पोस्टर लगवाकर जल व्यवस्था की थी।
बीकानेर में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष की हत्या के बाद सुर्खियों
हिस्ट्रीशीटर जाजाेद पहले श्रीमाधोपुर क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर मुकेश सौंथलिया के साथ रहता था। सौंथलिया के साथ आपसी खींचतान व विवाद के बाद राजू ठेहट गैंग के साथ हो गया और बीकानेर में बलबीर बानूड़ा की हत्या करने की प्लानिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद से वह राजू ठेहट गैंग का सबसे विश्वासपात्र गुर्गा बन गया था। जाजोद 2011 में बीकानेर के गंगाशहर में यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण सिहाग की हत्या के बाद से कुख्यात हो गया था।
शंकर के जेल में रहने के दाैरान प्रदीप ने संभाला नेटवर्क
हिस्ट्रीशीटर शंकर जाजोद के जेल में रहने के दौरान इसका सारा काम और नेटवर्क प्रदीप पूनियां चलाता था। हालांकि प्रदीप अपराध जगत से दूर रहकर ये सारे काम करता था। प्रदीप जयुपर में रहकर फाइनेंस का काम कर रहा था। घटना में शामिल अन्य आरोपी प्रदीप पूनियां पुत्र राजेंद्र सिंह भी जाजोद थाना इलाके के ढालियावास गांव का रहने वाला है। अजीत कुमार शर्मा पुत्र आनंद शर्मा गांव अजाड़ी खुर्द, थाना सदर झुंझुनूं का रहने वाला है। जेल से बाहर आने के बाद शंकर के साथ ज्यादातर अजीत और प्रदीप ही रहते थे।
बीकानेर जेल में रहने के दौरान खालिस्तानियों के संपर्क में आया
आरोपी शंकर जाजोद मार्च 2016 से लेकर मई 2023 तक बीकानेर जेल में बंद था। जेल के दौरान इसकी मुलाकात लखबिंदर से हुई। जेल से छूटने के बाद शंकर लखबिंदर के भांजे पम्मा से मिला। जिसने उसे कनाडा में रह रहे खालिस्तान समर्थक गैंगस्टर सुखबिंदर गिल का नंबर दिया। दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल के जरिए बातचीत होने लगी। सुखबिंदर कॉल पर शंकर को कहता था कि तुम्हारी गैंग के लोगों को और खालिस्तान समर्थकों को लॉरेंस बिश्नोई और उसके लोगों ने मारा है। तुम बदला लेने में हम लोगों की मदद करो।
Published on:
21 Jan 2024 08:06 am
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