
सीकर.
51 फीट ऊंची इस पुस्तक का वजन करीब 31 क्विंटल से अधिक है। इसकी प्रिंटिंग में 150 किलो से अधिक स्याही का इस्तेमाल हुआ है। लोहे के एंगल नासिक की विशेष टीम ने तैयार किया है। लोकार्पण में इसके 10 पन्ने खोले जाएंगे। सीकर में लोकार्पण के बाद 20 अगस्त को इस पुस्तक का विमोचन देशभर में किया जाएगा, जो 14 भाषाओं में लिखी होगी। इससे पहले जैन मुनि की पुस्तक कड़वे प्रवचन भाग संख्या सात भी लिम्का बुक में दर्ज है। कड़वे प्रवचनों की पुस्तक भाग संख्या आठ भी अब-तक दुनिया की सबसे बड़ी पुस्तक होने के कारण गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज है, 96 घंटे में बनकर तैयार हुई थी। कड़वे प्रवचन पुस्तकों की अब तक सात लाख से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। भाग संख्या नौ की भी विमोचन से पहले 10 हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। जैन मुनि ने बताया कि तीन हजार प्रतियां और छपवाई जा रही हैं।
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साढ़े पांच किलो की ज्योति दिन में खाती है सिर्फ एक चपाती
विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आमगे का वजन साढ़े पांच किलो है। नागपुर की रहने वाली 24 इंच की ज्योति एक दिन में एक चपाती व थोड़ा सा चावल खाती हैं। बीए पास ज्योति का मानना है कि कन्या भ्रूण हत्या महापाप है। यदि यह नहीं रूकेगा तो मेरे जैसी बेटियां कभी देखने को नहीं मिलेंगी।
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नारी के बिना समाज अधूरा है
जैन मुनि तरुण सागर ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि इस पुस्तक में दस लाइनें लिखी गई हैं, जो जीवन की व्यथा पर केंद्रित है। जीवन में सामने आने वाली समस्याएं व उनके समाधान के बारे में बताया गया है जो, जीवन जीने की कला सिखाती हैं। 51 फीट ऊंची इस पुस्तक का लोकार्पण करने दुनिया की सबसे छोटी महिला को इसलिए बुलाया गया है, ताकि कन्याभ्रूण हत्या को रोकने के लिए नारी शक्ति का संदेश दिया जा सके। चर्चित पुस्तक का लोकार्पण चर्चित महिला करेगी तो कन्याभ्रूण हत्या की रोकथाम का संदेश भी दोगुना असर करेगा। वैसे भी नारी के बिना समाज अधूरा होता है और बगैर स्त्री के परिवार की कल्पना भी संभव नहीं है। जैन मुनि ने विधानसभा और लोकसभा में भी कड़वे प्रवचन होने की आवश्यकता जताई। कहा कि यदि पांच साल भ्रष्टाचार पर रोक लग जाए तो देश विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
Published on:
06 Aug 2017 11:03 am
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