
पाकिस्तान मेट्रो कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन। ( फोटो: ANI)
Termination : पाकिस्तान के रावलपिंडी और इस्लामाबाद के बीच सफर करने वाले आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रावलपिंडी-इस्लामाबाद मेट्रो बस सेवा के ट्रैक पर अचानक सैकड़ों सुरक्षा कर्मचारियों ने उतर कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस हंगामे के कारण व्यस्ततम समय में करीब दो घंटे तक मेट्रो बस संचालन पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शन के चलते दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद मेट्रो बस सेवा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली एक नई निजी कंपनी के आने के बाद शुरू हुआ। इस नई सुरक्षा कंपनी ने कार्यभार संभालते ही मेट्रो बस सेवा में सालों से तैनात 200 से अधिक पुराने कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व नोटिस के नौकरी से निष्कासित कर दिया। अचानक हुई इस बर्खास्तगी से भड़के महिला और पुरुष कर्मचारी सुबह 'पोतोहार मेट्रो बस स्टेशन' पर एकत्र हुए और मेट्रो प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें न केवल बिना किसी नोटिस के 1 मई से सेवामुक्त कर दिया गया, बल्कि पिछले दो महीनों यानि मार्च और अप्रैल का वेतन भी नहीं दिया गया है। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि इस नई कंपनी ने कमान संभालते ही पुराने स्टाफ को बाहर का रास्ता दिखा दिया और अपने स्तर पर नए लोगों की भर्तियां शुरू कर दीं। कर्मचारियों के अनुसार, उनका आधिकारिक अनुबंध साल 2027 तक वैध था। इसके बावजूद प्रशासन उन्हें बकाया मानदेय देने के बजाय लगातार नई तारीखें देकर टरका रहा है।
नौकरी से निकाले गए कई कर्मचारी पिछले 8 से 10 बरसों से इस मेट्रो सेवा से जुड़े हुए थे। रोष जता रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं और इस महंगाई के दौर में अचानक नौकरी जाना उनके लिए भुखमरी जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। पीड़ित कर्मचारियों ने पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज से इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि उन्हें बकाया वेतन और न्याय मिल सके।
इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब मास ट्रांजिट अथॉरिटी के रावलपिंडी-इस्लामाबाद ऑपरेशंस मैनेजर वाजिद सलीम ने फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रदर्शन के कारण सुबह मेट्रो सेवा कुछ समय के लिए बाधित हुई थी। बाद में प्रदर्शनकारियों और मेट्रो प्रशासन के बीच हुई शुरुआती बातचीत और समझौते के आश्वासन के बाद कर्मचारियों को ट्रैक से हटाया गया, जिसके बाद बसों का संचालन फिर से सुचारू रूप से शुरू हो सका।
इस अचानक हुई छंटनी पर स्थानीय नागरिक समाज और श्रमिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। श्रमिक नेताओं का कहना है कि पाकिस्तान में पहले से ही आर्थिक संकट और महंगाई चरम पर है, ऐसे में बिना नोटिस 200 परिवारों की आजीविका छीनना बहुत अमानवीय है। यात्रियों ने भी प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है कि सुरक्षा कंपनियों के आपसी विवाद और मनमानी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पंजाब मास ट्रांजिट अथॉरिटी और नई सुरक्षा कंपनी मिल कर इन कर्मचारियों के पिछले दो महीने के वेतन का भुगतान करते हैं या नहीं। यदि मुख्यमंत्री मरियम नवाज की ओर से कोई कड़ा रुख नहीं अपनाया गया, तो कर्मचारी संगठनों ने पूरे रूट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है, जिससे इस्लामाबाद-रावलपिंडी का सार्वजनिक परिवहन ढांचा पूरी तरह चरमरा सकता है।
इस मामले का एक पहलू पाकिस्तान में काम करने वाली निजी सुरक्षा और आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। जब भी कोई नया टेंडर या कॉन्ट्रैक्ट बदलता है, तो पुराने और अनुभवी कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक जाती है। यह घटना श्रम कानूनों (Labour Laws) के कमजोर क्रियान्वयन को दर्शाती है, जहां बिना किसी विच्छेद पैकेज या पूर्व सूचना के सैकड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया जाता है। (इनपुट : ANI)
Updated on:
19 May 2026, 2:58 PM IST
Published on:
19 May 2026, 2:56 PM IST
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