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मोबाइल कनेक्टविटी से बाहर 46 बूथ, पेड़ पर चढ़ देनी होगी सूचना

चुनाव की चुनौती: नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आते हैं ज्यादातर मतदान केन्द्र

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46 booths, tree climb out of mobile connectivity

46 booths, tree climb out of mobile connectivity

सीधी. जिले के करीब आधा सैकड़ा मतदान केंद्रों में मोबाइल कनेक्टविटी की व्यवस्था नहीं हैं। इनमें ज्यादातर धौहनी विधानसभा के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आती हैं। यहां की करीब ५२ हजार अबादी तो वर्षों से मोबाइल नेटवर्क के लिए परेशान है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष निर्वाचन कराने की है। रिटर्निंग ऑफिसर ने जिला निर्वाचन अधिकारी दिलीप कुमार को समस्या से अवगत करा दिया है। लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं की गई। हालांकि, कलेक्टर दिलीप कुमार ने दोबारा निरीक्षण कर दूर संचार कंपनियों से चर्चा के बाद कोई न कोई विकल्प तलाशने की बात कही है।

इन बूथों में भी नहीं है नेटवर्क
उम्मीद है कि चुनाव तक व्यवस्था बना ली जाएगी। विधानसभा क्षेत्र धौहनी पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा है। यहां कुछ पंचायतें नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आती हैं और इनमें मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है। लिहाजा, स्थानीय गतिविधियों की सूचना प्रशासन को नहीं मिल पातीं। ऐसी पोलिंग बूथ में धौहनी विधानसभा क्षेत्र में ३८ हैं। कुछ जगह तो नेटवर्क के लिए लोगों को पेड़ पर चढ़कर फोन करना पड़ता है।धौहनी के अलावा जिले में सिहावल, चुरहट और सिहावल विधानसभा क्षेत्र में भी कुछ बूथ हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। चुरहट विधानसभा अंतर्गत बघमरिया, सीधी विधानसभा अंतर्गत इटौही, डंाड़ी, गांधीग्राम सिहावल विधानसभा अंतर्गत बारपान, समरदह, खोचीपुर पोलिंग बूथ मे मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है।

एक विकल्प ये भी
जानकारी के अनुसार, जिन बूथों पर मोबाइल नेटवर्क नहीं है। वहां पर वायरलेस सेट के माध्यम से कनेक्टिविटी की जाएगी। इसके साथ ही एक कर्मचारी की तैनाती की जाएगी। जो बाइक पर रहेगा। तत्काल वह मोबाइल नेटवर्क में जाकर आला अधिकारियों को सूचित करेगा। जानकारी के अनुसार, कुछ अन्य जिलों में भी ऐसे मतदान केंद्र है, जहां पर मोबाइल नेटवर्क नहीं है। इसमें एक या दो जिलों के कलेक्टरों ने जब मोबाइल कंपनियों से कनेक्टिविटी के लिए बात कही। तो कंपनियों ने मना कर दिया है।

धौहनी में सर्वाधिक
नक्सलप्रभावित क्षेत्र घोषित होने के कारण प्रशासन ने इन केंद्रों को क्रिटिकल केंद्र की श्रेणी में रखा गया है। किंतु यहां नेटवर्क न होने के कारण गतिविधियों की रिपोर्टिंग प्रशासन नहीं कर पाएगा। इनमें से मतदान केंद्र चुनगुना, कोटरो, सेंधवा, अमझर, पोंड़ी, दडौर, चुवाही, धनौली, दुबरीकला, उमरिया, बहेराडोल, उमरिया, चिनगवाह, डेवा, खरबर, पनखोरा, वस्तुआ, खोखरा, धुपखड़, कमछ, डुहुकुरिया, खैरी, नौढिया, जूरी, रौहाल, नौढिया देवार्थ, मेडऱा, दुआरी, घोरबंधा, केसलार, कर्रई, अमरोला एवं रूंदा शामिल हैं।