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ललितपुर- सतना से देश के बड़े इंडस्ट्रियल शहर को ​जोड़ेगी 541 किमी की यह रेलवे लाइन

पहाड़ के नीचे बन रही 3300 मीटर लंबी टनल  

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सिंगरौली. ललितपुर-सिंगरौली रेलवे परियोजना का काम अब तेजी से चल रहा है। रेलवे ने योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य की गति बढ़ा दी है। इस परियोजना के पूरा हो जाने से संपूर्ण क्षेत्र को जबर्दस्त फायदा होगा। ललितपुर— सतना से सिंगरौली सीधा जुड़ जाएगा। सिंगरौली में कई बड़े उद्योग हैं और इसकी पहचान देश के तेजी से बढ़ते बड़े इंडस्ट्रियल शहर के रूप में बन रही है। ऐसे में ललितपुर-सिंगरौली परियोजना दो राज्यों मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई शहरों के बेरोजगारों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

परियोजना के अंतर्गत रीवा के गोविंदगढ़ के छुहिया पहाड़ के नीचे टनल बनाया जा रहा है। 3300 मीटर लंबे इस रेलवे टनल का काम दिन-रात चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह मध्य प्रदेश का सबसे लंबा रेलवे टनल है। इसका करीब 99% काम पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि ये टनल छुहिया पहाड़ से 268 फीट नीचे है। टनल की ऊंचाई और चौड़ाई दोनों ही करीब 8 मीटर है।

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इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के ललितपुर से मध्य प्रदेश के सिंगरौली तक पूरा क्षेत्र रेलमार्ग से जुड़ जाएगा. यह रेलवे लाइन ललितपुर से सतना, रीवा व सीधी होते हुए सिंगरौली पहुंचेगी। रेलमार्ग के निर्माण के लिए खासा बजट भी जारी किया गया है। 541 किलोमीटर लंबी यह रेलवे लाइन तेजी के साथ बन रही है।

ललितपुर से सिंगरौली को जोड़ने वाली केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के एलाइनमेंट (रूट) में परिवर्तन का मामला भी खूब चर्चित रहा है। सीधी क्षेत्र से राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए एलाइनमेंट में बदलाव की जरूरत और बढ़े खर्च की जानकारी मांगते हुए मामले की जांच की मांग की थी. सांसद ने कहना है कि पूर्व में रेलमार्ग सीधी से बरगवां तक था लेकिन इसमें बदलाव करते हुए सीधी से गोंदवाली कर दिया गया। जवाब में रेलमंत्री ने स्वीकार भी किया कि यात्रियों की जरूरत को देखते हुए समय-समय पर एलाइनमेंट में बदलाव किया गया है।

फैक्ट फाइल
रेलवे लाइन— 541 किलोमीटर
कुल लागत— 16159 करोड़ रुपए