
Code of conduct impose, election commissioner strict
सिंगरौली. विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। आदर्श आचार संहिता जारी होते ही निर्वाचन आयोग की सख्ती भी बढ़ गई है। जिला दंडाधिकारी ने शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं तो प्रशासन के साथ-साथ आबकारी विभाग ने भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है। जिले में मदिरा के अवैध कारोबार, इसके उत्पादन व बिक्री को रोकने का जिम्मा आबकारी विभाग पर आ गया है। आयोग की ओर से जिले में रोज होने वाली मदिरा की खपत पर भी ध्यान रखा जाएगा। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्टे्रट ने जिले में सुरक्षा और चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने या इनके सार्वजनिक प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह जवाबदारी संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी की होगी कि इस आदेश का गंभीरता से पालन सुनिश्चित कराएं।
आबकारी विभाग हुआ सक्रिय
चुनाव की घोषणा होने के साथ ही जिले में अवैध मदिरा का उत्पादन व इसकी बिक्री को रोकने आबकारी विभाग की ओर से सक्रियता बढ़ा दी गई है। चुनाव की घोषणा से पहले विभाग की ओर से इस काम के लिए एक टीम तैनात थी। अब दो और टीमोंं का गठन किया गया है। तीनों टीमें अवैध मदिरा व इसके कारोबार पर अंकुश लगाने विशेष कार्रवाई करेंगी। टीम ने सोमवार को सहायक आबकारी अधिकारी आरएस साहू व उनके नेतृत्व में कचनी के पास दबिश दी। वहां बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा बरामद की गई। विभाग की टीम की ओर से चुनाव की घोषणा के साथ ही अलग-अलग जगह नियमित छापेमारी की जा रही है।
अवैध मदिरा बेचने वाले किए गए चिहिन्नत
विभाग की ओर से चुनाव के दौरान मदिरा की सरकारी दुकानों पर होने वाली बिक्री पर भी निगाह रखी जाएगी। विभाग की ओर से हर सरकारी दुकान पर होने वाली बिक्री के संंबंध में जिला प्रशासन, शासन व चुनाव विभाग को नियमित सूचना दी जाएगी। इसकी चुनाव विभाग की ओर से राज्य स्तर पर समीक्षा की जाएगी। जिले में अवैध मदिरा के कारोबार के लिए कुख्यात कुछ विशेष पॉकेट्स भी चिह्नित किए गए हैं। इनमें बरगवां के पास एक-दो टोले, बैढऩ व कचनी के पास एक-एक क्षेत्र शामिल हैं। विभाग की ओर से इन पॉकेट्स में व इनके आसपास पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान खास नजर रखी जाएगी।
शस्त्र लाइसेंस निलंबित
आचार संहिता लागू होने के बाद अगर किसी के पास शस्त्र पाया जाता है तो वह दंड का पात्र माना जाएगा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने सभी शस्त्र धारकों से अपने शस्त्र तत्काल प्रभाव से थाने में जमा करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि केन्द्र, राज्य शासन के विभागों में कार्यरत, सेवानिवृत अधिकारी और कर्मचारी, केन्द्र और राज्य शासन के उपक्रमों के अधिकारी-कर्मचारियों के बैंक गार्डों को छोड़कर जिले समस्त शस्त्र लायसेंसधारकों पर यह आदेश प्रभावशील होगा। जमा कराए जाने वाले शस्त्रों का पृथक से रेकॉर्ड रखा जाएगा और उन्हें सुरक्षित रूप से अभिरक्षा में रखा जाएगा।
सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही बजेंगे लाउडस्पीकर
आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील होने के फलस्वरूप कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने जिले में चुनाव प्रक्रिया होने तक लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और नगर निगम क्षेत्र में सिटी मजिस्टे्रट को अनुमति देने के लिए अधिकृत किया है। जिले में प्रात: ६ बजे से रात १० बजे तक ही लाउड स्पीकर उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए अनुमति एसडीएम एवं सिटी मजिस्ट्रेट से लेनी होगी। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व किसी भी प्रकार से लाउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकेगी। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में रात 10 बजे के बाद सार्वजनिक सभा एवं जुलूस में कतिपय विशेष परिस्थितियों में शिथिलता सक्षम पदाधिकारी दे सकेंगे, इसके लिए प्रचार की आवश्यकता व परिस्थितियों को ध्यान रखना होगा।
Published on:
10 Oct 2018 10:37 pm
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