3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस में फिर बगावत, कद्दावर नेता का पार्टी को अल्टीमेटम, ‘7 दिन में सोच लो वरना…’

सिंगरौली विधानसभा सीट पर टिकट कटने के बाद फूटा कांग्रेस के दावेदार और कांग्रेस प्रदेश पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष रामशिरोमणि शाहवाल का गुस्सा, बोले- अगर पार्टी 7 दिन में फैसला नहीं लेती तो किसी अन्य दल से या निर्दलीय चुनाव लडूंगा।

2 min read
Google source verification
MP Election 2023

कांग्रेस में फिर बगावत, कद्दावर नेता का पार्टी को अल्टीमेटम, '7 दिन में सोच लो वरना...'

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए कांग्रेस की दूसरी सूची का इंतजार जोर शोर से किया जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से जारी पहली लिस्ट के बाद से ही कांग्रेस में बघावत बढ़ने लगी है। हालात ये हैं कि, कांग्रेस से इस्तीफों का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में सिगरौली जिले की सिंगरौली विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने रेनू शाह को प्रत्याशी घोषित किया है। रेनू शाह का नाम सामने आने के बाद क्षेत्र में पार्टी के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष रामशिरोमणि शाहवाल ने टिकट कटने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान उन्होंने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताते हुए घोषित प्रत्याशी के नाम पर दोबारा चर्चा करने की बात कही है। यही नहीं, उन्होंने इसके लिए पार्टी को 7 दिनों का अल्टीमेटम भी दे दिया है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामशिरोमणि शहवाल ने कांग्रेस के फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी ने सिंगरौली के लोग जिसे चाहते है पार्टी उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाती है। उन्होंने रेनू शाह का नाम लिए बिना कहा कि जिनके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता ही नहीं है ऐसे लोगों को भी विधायक बनने का मौका मिल जाता है, जो पांच साल सिर्फ अपना काम करते हैं और पब्लिक का काम नहीं करते। रामशिरोमणि शहवाल ने कहा कि कांग्रेस की हारे हुए प्रत्याशी को चुनाव मैदान में लड़ाने की मंशा थी, इसलिए पार्टी ने उनका नाम काट दिया है।

यह भी पढ़ें- चुनाव से पहले इमरती देवी की बड़ी मांग, डबरा को जिला घोषित कर दो फिर चाहे टिकट ही मत देना


मेरे समर्थक कहेंगे तो चुनाव जरूर लड़ूंगा, फिर भले...

रामशिरोमणि शाहवाल के अनुसार, मेरे कार्यकर्ता काफी आहत है। पार्टी ने जिन्हें प्रत्याशी बनाया है उनके घर में मक्खियां घूम रही है। मैं पार्टी को 7 दिन का मौका देता हूं और अपने समर्थकों से जवाब पाने के लिए 7 दिन का समय चाहता हूं। अगर मेरे समर्थक कहेंगे तो मै जरूर चुनाव लडूंगा, चाहे वो किसी अन्य दल से हो या निर्दलीय।

यह भी पढ़ें- Voter ID नहीं है तब भी न लें टेंशन, इस तरह आप कर सकते हैं मतदान


जानकारों के कयास

बता दें कि जिस तरह कांग्रेस ने अपने पत्ते खोले और जिस तरह कांग्रेसियों के आपस में ही बगावती सुर बोलने लगे हैं, इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं ना कहीं कांग्रेस पार्टी को सिंगरौली में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Story Loader