
Farmer's paddy in grip of drought, now sowing of pulses and oilseeds
सिंगरौली. जिले की प्रमुख फसल धान की बोवनी पर मौसम की जबरदस्त मार पड़ी है। जरूरत के मुताबिक बारिश नहीं होने के चलते अभी तक धान की आधी बोवनी भी नहीं हो पाई है। करीब एक पखवाड़ा के इंतजार के बाद बादल रविवार और सोमवार को बरसे जरूर, लेकिन मंगलवार को आसमान फिर से साफ हो गया। ऐसे में आगे धान की फसल लगाने को बारिश होगी भी या नहीं, किसान इसको लेकर संशय की स्थिति में है।
यही वजह है कि धान के बजाय अब वह दलहन व तिलहन की बोवनी कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने अब की बार 48 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा में धान की बोवनी की लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी तक 25 हजार हेक्टेयर में भी बोवनी नहीं हो पाई है। किसान धान की नर्सरी तैयार कर रोपा लगाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। निजी व्यवस्था के तहत जिन किसानों ने रोपा लगाया भी है। वह कड़ी धूप में मुरझा रहा है।
किसानों का रूख देखते हुए कृषि अधिकारी अब की बार दहलन व तिलहन में अधिक बोवनी की अनुमान लगा रहे हैं। गौरतलब है कि एक जून से लेकर अब तक हुई वर्षा पिछले वर्ष की तुलना में आधी भी नहीं हुई है। पिछले वर्ष अब औसत वर्षा 535 मिलीमीटर दर्ज की गई थी, जबकि इस बार केवल 206.3 मिलीमीटर है। मौसम विभाग बारिश की संभावना जता रहा है, लेकिन अब तक मौसम का रूख देखते हुए किसानों को उम्मीद कम है।
अमृत सरोवर से भी उम्मीद नहीं
फसल की सिंचाई के लिए जिले में एक सौ से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं, लेकिन किसानों को उनसे भी कोई उम्मीद नहीं हैं। क्योंकि ज्यादातर सरोवर निर्माणाधीन हैं। जो सरोवर तैयार भी हैं। उनमें पानी नहीं है। सरोवर भरने के लिए झमाझम बारिश की जरूरत है। अब तक की स्थिति को देखते हुए इसकी संभावना कम है। मौसम में इस सप्ताह तक रहम दिखाया तभी किसानों की बोवनी हो सकेगी और फसल की सिंचाई मुमकिन होगी।
बारिश का तुलनात्मक आंकड़ा
तहसील-जून से अब बारिश-पिछले वर्ष बारिश
सिंगरौली-294.2-666.7
देवसर-116.0-402.5
चितरंगी-235.4-562.6
सरई-144.6-658.2
माड़ा-241.7-385.0
कुल-1031.9-2675.0
औसत-206.3-535.0
बोवनी का रकवा :
फसल-बोवनी का लक्ष्य-संभावित
धान-48-35
मक्का-24-30
कोदो कुटकी-11-12
उड़द-08-12
ज्वार-04-05
अरहर-26-30
मूंग-02-04
तिल-15-20
(रकबा हजार हेक्टेयर में है)
वर्जन -
एक सप्ताह के बाद स्थिति हो जाएगी स्पष्ट
कृषि अधिकारी इस सप्ताह बारिश की संभावना जता रहे हैं। उप संचालक आशीष पाण्डेय का कहना है कि अगले 7 दिनों में पर्याप्त बारिश हो गई तो किसान धान की बोवनी भी काफी हद तक कर लेंगे। वैसे तो बोवनी का सही वक्त निकल चुका है, लेकिन यहां किसान सामान्यतया देरी से ही बोवनी करते हैं। ऐसे में रोपा लगाने के लिए अभी यह सप्ताह बाकी है। उप संचालक ने कहा कि मौसम के रूख को देखते हुए किसानों का रूझान धान के बजाए दलहन व तिहलन की बोवनी पर है। ऐसे में धान का रकबा तेजी के साथ घट सकता है।
Published on:
28 Jul 2022 11:35 pm
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