
विधानसभा चुनाव: सिंगरौली. विधानसभा चुनाव के तहत 17 नवंबर को मतदान दिवस के दिन पक्ष में मतदान हो। इसके लिए प्रत्याशी हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उनकी ओर से जनसंपर्क के दौरान ऐसे वादे भी किए जा रहे हैं जो न ही पार्टी के विकास या संकल्प पत्र में और न ही उनके बूते की बात है। फिलहाल मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी बिना सोचे-समझे वादों की झड़ी लगाए बैठे हैं।
लाउडस्पीकर से लेकर सभा तक में वादा वादों में ये शामिल
● जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की पूरी राशि जिले में विकास को दिलाएंगे।
● कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने पद आरक्षित कराएंगे।
● आर्थिक रूप से अक्षम लोगों को बिजली व पानी नि:शुल्क दिलाएंगे।
● किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराएंगे, समर्थन मूल्य भी बढ़ाएंगे।
● भूमिहीनों को जमीन का पट्टा दिलाएंगे और विस्थापितों को मुआवजा।
● मतदान के लिए चिह्नित वाहनों में लगाई गई जीपीएस
● साढ़े तीन सौ से अधिक बस सहित अन्य चार पहिया वाहन अधिग्रहित
● सुविधा केंद्रों पर मतदान है जारी
● दूसरे जिलों में मतदान कराने की ड्यूटी में लगाई गई अधिकारी व कर्मचारी कर रहे मतदान।
खोखले वादों की झड़ी लगाने वालों में लगभग सभी पार्टियां शामिल हैं। प्रत्याशियों के प्रचार में गली-मोहल्लों में भ्रमण कर रहे वाहनों पर लगे लाउडस्पीकर से जहां वादों को दोहराया जा रहा है। वहीं प्रत्याशी भी सार्वजनिक रूप से आमसभाओं में घोषणा कर रहे हैं। कोई कर रहा शत-प्रतिशत डीएमएफ तो कोई कंपनियों में रोजगार दिलाने का कर रहा दावा
चुनाव में जीत के बाद सरकार बनने पर प्रदेश में जनता जनार्दन के लिए क्या किया जाएगा, पार्टियों ने उनकी ओर से जारी वादों में बयां किया गया है। इसके अलावा स्थानीय प्रत्याशी मतदाताओं से ऐसे वादे कर रहे हैं, जो प्रदेश स्तर से ही करना संभव है। यह बात और है कि वे वादे पार्टियों के प्रदेश स्तरीय वादों में शामिल नहीं है। जिला खनिज प्रतिष्ठान की पूरी रकम जिले को दिलाने कंपनियों में 70 फीसदी पदों को आरक्षित कराते हुए रोजगार दिलाने का वादा उदाहरण है।
Updated on:
14 Nov 2023 02:26 pm
Published on:
14 Nov 2023 02:25 pm
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