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गेहूं बेचने के बाद भुगतान के लिए भटक रहे किसान, 20 दिन बाद भी अन्नदाता के खाते में नहीं पहुंची रकम

किसानों का 20 करोड़ बकाया, नहीं पहुंची खातों में रकम, गेहूं बेचने के 20 दिन बाद बैंकों के चक्कर काट रहे किसान

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mukhyamantri bhavantar bhugtan yojana news in singrauli

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सिंगरौली। गेहूं बेचने के 20 दिन बाद भी किसानों के खातों में 20 करोड़ से ज्यादा रकम नहीं भेजी गई। रकम पाने के लिए किसान बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि नियम के अनुसार, गेहूं बेचने के 24 घंटे के भीतर किसानों को उनकी उपज का भुगतान किया जाना चाहिए। इस मामले की जानकारी कलेक्टर अनुराग चौधरी को भी दे दी गई है।

नियम के अनुसार, गेहूं बेचने के 24 घंटे के भीतर किसानों के खाते में रकम भेजने का है। मगर, नियम के अनुसार किसानों की राशि भुगतान नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार, 20 करोड़ से ज्यादा रकम भुगतान के लिए बाकी है। इधर दो दिन बैंक बंद होने के चलते भुगतान संभव नहीं है। सूत्रों की मानें तो सोमवार के बाद ही भुगतान संभव है। भोपाल से ही राशि नहीं आई है।

बारदानों की कमी से जूझ रहे केन्द्र
क्रय केन्द्र्रों पर बारदानों की कमी बनी हुई है। प्रत्येक केन्द्र पर बारदानों की कमी के चलते खरीदी प्रभावित हो रही है। इस बारे में कलेक्टर को लिखित जानकारी भी दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, अभी 50 हजार क्विंटल के लिए लगभग एक लाख बारदानों की जरूरत है।

1.82 लाख क्विंटल हुई खरीदी
जानकारी के अनुसार, मप्र राज्य विपरण सहकारी संघ को गेहूं खरीदी की जिम्मेदारी दी गई है। अब तक जिले के सभी 29 क्रय केन्द्रों पर 1.82 लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है, जबकि खरीदी का लक्ष्य 2.5 लाख क्विंटल तय किया गया है। अब तक 4631 किसान गेहूं बेच चुके हैं। हालांकि रजिस्ट्रेशन 10 हजार से ज्यादा किसानों ने कराया था। खरीदी की आखिरी तारीख 25 मई है।

दो दिन में डिलीवरी 90 प्रतिशत करने के निर्देश
अब तक गेहूं की डिलीवरी 80 प्रतिशत हो चुकी है। कलेक्टर ने दो दिन के भीतर 90 फीसदी करने के निर्देश दिए हैं। इधर, शनिवार और रविवार को खरीदी बंद होने के बाद भी डिलीवरी का काम चलता रहा, क्योंकि मौसम खराब चल रहा है। बरसात के आसार बन रहे हैं। कलेक्टर का मानना है कि अगर डिलीवरी नहीं होगी तो आसमान के नीचे पड़ा गेहूं खराब हो जाएगा।

सर्वाधिक क्रय वाले पांच केन्द्र
- सहकारी समिति खमारडीह
- सहकारी समिति रामगढ़
- सहकारी समिति चतरी
- सहकारी समिति खुटार
- सहकारी समिति इटार

सर्वाधिक कम खरीद वाले पांच केन्द्र
- सहकारी समिति गढ़वा
- सहकारी समिति कुसाही
- सहकारी समिति घोघरा
- सहकारी समिति बरका
- सहकारी समिति दुधमनिया