
Parsauna-Nigahi road will be cut for greening, green road will be cut on 355 green trees
सिंगरौली. शहर की किलर रोड के नाम से मशहूर आठ किमी लम्बी परसौना-निगाही सड़क के चौड़ीकरण के दौरान 359 पेड़ काटे जाएंगे। एमपीआरडीसी ने नगर निगम को काटे जाने वाले पेड़ों की सूची सौंप दी है। पेड़ो को काटने की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। जानकारी के अनुसार, करीब 16 मीटर सड़क चौड़ी करने की योजना है। स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन और नगर निगम इस सड़क का चौड़ीकरण डीएमएफ की मदद से 41 करोड़ की लागत से कर रहा है। सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी एमपीआरडीसी को सौंपी गई है।
यह है मामला
परसौना-निगाही मोड़ शहरी इलाके की सबसे खतरनाक सड़क मानी जाती है। इस सड़क में सवारी वाहनों के साथ ही भारी वाहन कोल परिवहन करते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने के नाते आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण के चलते कई जगहों सड़क सिकुड़ गई है। करीब डेढ़ साल पहले कलेक्टर अनुराग चौधरी और नगर निगम के अधिकारी सड़क के चौड़ीकरण के लिए निरीक्षण किए थे। इसके बाद सड़क के चौड़ीकरण के लिए आने वाले खर्च पर मंथन किया गया। कलेक्टर चौधरी ने डीएमएफ से सड़क के चौड़ीकरण के लिए ४१ करोड़ रु मंजूर किए। निर्माण की जिम्म्ेादारी एमपीआरडीसी को दी गई।
नहीं होगा भू-अर्जन
एमपीआरडीसी के डिवीजनल मैनेजर मनोज गुप्ता ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में डीएमएफ की मदद से बनने वाली सड़क के लिए भू-अर्जन की कारवाई जरूरी नहीं है। सरकारी जमीन में ही सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नगर निगम की होगी। अगर, किसी का मकान दायरे में आता है तो वहां सड़क चौड़ी नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू हो गया है। करीब सालभर में सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।
नहीं हुई जमीन और मकान की पैमाइश
सड़क चौड़ीकरण को लेकर जमीन और मकानों की पैमाइश नहीं की गई है। मतलब, करीब 16 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए सैकड़ों मकान भी दायरे में आएंगे। अभी इस बात को लेकर शोरगुल नहीं हो रहा है। बिना पैमाइश किए ही सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस तरह से भू-अर्जन नहीं किया जाएगा। जब भू-अर्जन नहीं होगा तब मुआवजे की बात सामने नहीं आएगी। मगर, सच्चाई यह कि चौड़ीकरण के दौरान बवाल होने की संभावना है। प्रशासन का कब्जा हटाने में मुश्किल को सामना करना पड़ेगा।
सड़क के चौड़ीकरण में बाधक बन रहे पेड़
जानकारी के अनुसार, एमपीआरडीसी ने सड़क के चौड़ीकरण के लिए 359 पेड़ों की सूची नगर निगम को सौंप दी है। पेड़ों के काटने की जिम्म्ेदारी नगर निगम को दी गई है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, काटे जाने वाले पेड़ों को चिंहित कर लिया गया। अव सवाल यह कि एक ओर पेड़ लगाने की मुहिम चलाई जा रही है। वही दूसरी ओर पेड़ोंकी बलि चढ़ाई जा रही है। नियम के अनुसार, एक पेड़ काटे जाने के बदले चार पेड़ लगाने का प्रावधान है।
Published on:
05 Oct 2018 09:57 pm
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