
patrika changemakers meeting in singrauli
सिंगरौली। पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे चेंजमेकर महाअभियान के तहत गुरुवार को महिलाओं ने स्वच्छ राजनीति के लिए संकल्प लिया। बैढऩ स्थित मल्हार पार्क में संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं ने कहा कि आधी आबादी के बिना राजनीति अधूरी रह जाएगी। लिहाजा महिलाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। स्वच्छ छवि और उत्तम चरित्र के लोगों को राजनीति में आना चाहिए।
उनका कहना था कि जब तक राजनीति में सिद्धांत का बड़ा महत्व होता है। नैतिक मूल्यों की अहमियत होती है। जब तक सिद्धांत और नैतिक मूल्य नहीं होंगे, तब तक स्वच्छ राजनीति की बात करना बेमानी होगी। इस कार्यक्रम में शहर जागरूक महिलाएं शिकरत कीं और पत्रिका के इस महाअभियान को सराहनीय बताया।
पत्रिका के संदेश का किया वाचन
कार्यक्रम की शुरुआत में सभा संयोजक आशा गुप्ता ने पत्रिका के संदेश को पढ़कर सुनाया। महिलाओं ने पत्रिका के इस महाअभियान को खूब सराहा। महिलाओं ने कहा कि अब समय बदलाव का चल रहा है। स्वच्छ एवं स्वस्थ्य राजनीति की बयार चल रही है। अनपढ़ और आपराधिक चरित्र के लोग राजनीति में घुसपैठ कर रहे हैं। हर पार्टी के लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं। किसी तरह से सत्ता में बने रहना पार्टियों की आदत में शुमार हो चुका है। अब जरूरत बदलाव की है। यह बदलाव तभी होगा, जब महिलाएं राजनीति में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
बिना राजनीति सब कुछ अधूरा
आशा गुप्ता ने कहा कि राजनीति सेवा करने का एक सशक्त माध्यम है। बिना राजनीति सब कुछ अधूरा है। महिलाओं को अपनी ताकत की पहचान होनी चाहिए। बबिता जैन ने कहा कि राजनीति चरित्र निर्माण का तरिया भी है। ऊंचे ओहदों पर पहुंची महिलाएं प्रेरणास्रोत होती हैं। राजनीति पवित्र है। जरूरत इस बात की है कि समाजेसवा से जुड़े लोगों को राजनीति में आना चाहिए। आपराधिक चरित्र के लोगों को राजनीति में पैठ नहीं जमाने देना चाहिए।
राजनीति से देश की तरक्की
सविता केसरी ने कहा कि राजनीति से देश की तरक्की होती है। सत्ता के लोग ही नीति का निर्माण करते हैं, जिससे देश चलता है। इसीलिए स्वच्छ छवि और उत्तम चरत्रि के लोगों को राजनीति में बढ़ावा देना चाहिए। ज्योति चौरसिया ने कहा कि जनता की सेवा करने वालों को राजनीति में जगह दी जानी चाहिए। देश के विकास के लिए महिलाओं और पुरुषों की जरूरत है। महिलाओं को दरकिनार कर देश के विकास की संकल्पना करना उचित नहीं है।
महिलाएं अब जागरूक हो रही हैं
नीता विश्वकर्मा ने कहा कि महिलाएं अब जागरूक हो रही हैं। राजनीति से अछूती नहीं हैं। महिलाएं परिवार और समाज को एकजुट करने में काबिल होती हैं। इसलिए देश की तरक्की के लिए राजनीति में महिलाओं की सक्रियता जरूरी है। रानी अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में मौका दिया जाना चाहिए। ज्यादातर मामलों में महिलाओं की उपेक्षा ही की जाती है। जबकि महिलाओं के बिना राजनीति अधूरी होती है। अगर परिवार साथ दें तो महिलाएं राजनीति में सक्रिय भूमिका पेश कर सकती हैं। अच्छे लोगों को राजनीति में आने की जरूरत है। तभी राजनीति में सुधार संभव है।
राजनीति में गंदे लोगों की घुसपैठ
नीलम राय ने कहा कि मौजूदा वक्त में राजनीति में गंदे लोग घुसपैठ करते जा रहे हैं। किसी तरह से सत्ता में बने रहने के विचार से लोग राजनीति कर रहे हैं। जनता की सेवा करने वाले लोगों को राजनति मेंआने की जरूरत है, जो नेता राजनीति को व्यवसाय समझ बैठे हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। भावना सिंह ने कहा कि महिलाएं ही महिलाओ की विरोधी होती हैं। राजनीति में महिलाओं को आगे आने की जरूरत है।
सामाजिक लोगों को आने की आवश्कता
पढ़े-लिखे लोग राजनीति में आएं, जिनका चरित्र बेदाग हो, उन्हें राजनीति में बढ़ावा दें। चन्द्रकली केसरी ने कहा कि समाज और सामाजिक जीवन से जुड़े लोगों को राजनीति में आने की आवश्कता है। राजनीति एक धर्म भी है। सच्चे मन से देश की सेवा करना ही राजनीति है। सीमा केसरी ने कहा कि राजनीति एक सेवाधर्म है। राजनीति को स्वच्छ करने के लिए समजसेवियों का आगे आना चाहिए।
Published on:
01 Jun 2018 01:19 pm
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