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जिले में आरओ वाटर के नाम पर लोग पी रहे दूषित पानी, बॉटल में शुद्धता की भी कोई गारंटी नहीं

विस्थापित कॉलोनी में कंपनियों की ओर से लगाए आरओ प्लांट मेंं मिल रहा हाई टीडीएस का पानी सिंगरौली. शहर के विस्थापित व सिम्प्लेक्स बस्तियों में आरओ वॉटर के नाम पर लोग प्रदूषित (हाई टीडीएस) पानी पी रहे हैं। पत्रिका की पड़ताल में आरओ प्लांट के पानी का टीडीएस काफी अधिक पाया है। वहीं नगर निगम […]

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जिले में आरओ वाटर के नाम पर लोग पी रहे दूषित पानी, बॉटल में शुद्धता की भी कोई गारंटी नहीं

जिले में आरओ वाटर के नाम पर लोग पी रहे दूषित पानी, बॉटल में शुद्धता की भी कोई गारंटी नहीं

विस्थापित कॉलोनी में कंपनियों की ओर से लगाए आरओ प्लांट मेंं मिल रहा हाई टीडीएस का पानी

सिंगरौली. शहर के विस्थापित व सिम्प्लेक्स बस्तियों में आरओ वॉटर के नाम पर लोग प्रदूषित (हाई टीडीएस) पानी पी रहे हैं। पत्रिका की पड़ताल में आरओ प्लांट के पानी का टीडीएस काफी अधिक पाया है। वहीं नगर निगम व कलेक्ट्रेट का पानी निर्धारित मानक के अनुरूप मिला। गौरतलब है कि टीडीएस पानी में घुले कार्बनिक व अकार्बनिक रसायन की मात्रा को बताता है।
शहर में 300 से अधिक टीडीएस का पानी उपयोग कर रहे रहवासी
आरओ वाटर का टीडीएस सामान्यत: 50 से अधिक और 150 से कम रखा जाता है। घरों से लेकर कार्यालयों तक में आरओ मशीन लगाने वाली नामी कंपनियों की एजेंसियां इसे शुद्ध पानी का निर्धारित मानक मानती हैं। शहर में अधिक टीडीएस का पानी पीने से लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। कई मोहल्ले तो ऐसे हैं जहां टीडीएस पांच सौ के करीब है। ऐसे में लोगों को भी ध्यान देने की जरूरत है।
नवानगर में रहवासी नहीं पीते प्लांट का पानी
जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर नवानगर बाजार में सामुदायिक भवन में आरओ प्लांट लगाया गया है। उद्देश्य वहां के रहवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। लेकिन, वहां के रहवासी प्लांट के पानी पर भरोसा नहीं करते। वे खरीदकर पीते हैं।
इधर मोरवा में बंद पड़ा है आरओ प्लांट
मोरवा उप जोन क्षेत्र में आरओ प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है। नगर निगम की ओर से आरओ में सुधार कराने की कवायद नहीं की जा रही है। जिससे स्थानीय लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों ने कई बार ननि के अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत किया है। मगर इसके बावजूद जिमेदार अधिकारियों की ओर से गौर नहीं फरमाया गया। हकीकत यह है कि वर्तमान में आरओ प्लांट कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है।
दुर्गा मंडप में 300 से अधिक टीडीएस
सिम्प्लेक्स कॉलोनी दुर्गा मंडप में लगाए गए आरओ प्लांट के पानी का टीडीएस 300 से अधिक मिला। इस प्लांट का पानी 350 परिवार के लोग सेवन कर रहे हैं। प्लांट से सुबह और शाम को पानी उपलब्ध कराया जाता है।
मटवई गेट में भी 250 से अधिक टीडीएस
सिम्प्लेक्स कॉलोनी मटवई गेट में लगाए गए आरओ प्लांट के पानी का भी टीडीएस 250 से अधिक मिला। इस प्लांट पर भी 350 से अधिक परिवार निर्भर हैं। यहां भी पानी के लिए रहवासियों को सुबह शाम पहुंचना होता है।
पानी की शुद्धता पर भी भरोसा नहीं है
प्लांट घर के ठीक बगल है। फिर भी पानी खरीद कर पीते हैं। वहां बहुत गंदगी है। पानी की शुद्धता पर भी भरोसा नहीं है। कई महीने बाद तो तीन दिन पहले प्लांट शुरू किया गया है। सफाई भी नहीं कराई गई है। -रीता देवी, नवानगर
महीनों प्लांट बंद रहने के बाद बिना सफाई कराए शुरू कर दिया गया। ऐसे में वहां का पानी कौन पिएगा। आरओ प्लांट का पानी न ही बस्ती के लोग पीते हैं और न ही यहां के कोई दुकानदार। सब्जी विक्रेताओं को भी भरोसा नहीं।-रमेश कुमार, नवानगर
समस्या का निदान जल्द करेंगे
रहवासियों को शुद्ध पेयज मिलना चाहिए। आरओ प्लांट का संचालन कंपनियों की ओर से किया जाता है। फिलहाल रहवासी शहर के हैं। इसलिए परीक्षण कराएंगे। मानक के अनुरूप पेयजल नहीं मिला तो समस्या का निदान कराएंगे।
डीके शर्मा, आयुक्त नगर निगम