रिहंद डैम नहीं भरने से आधा दर्जन परियोजनाओं पर संकट, भंडारण क्षमता से 17 फीट पानी कम
सिंगरौली। रिहंद डैम अब तक भरा नहीं है। भंडारण क्षमता से अभी 17 फीट कम पानी है। डैम पर आधा दर्जन परियोजनाएं निर्भर है। मौजूदा वक्त में 853 फुट पानी है। जबकि डैम की भरण क्षमता 870 फीट की है। बरसात नहीं हुई तो बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो सकता।
बता दें कि रिहंद डैम उप्र एवं मप्र की संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना है। डैम के पानी का इस्तेमाल मछली पालन के अलावा सिंचाई और बिजली उत्पादन में भी किया जाता है। दोनों प्रदेशों की आधा दर्जन से ज्यादा तापीय परियोजनाएं इसी डैम पर निर्भर हैं।
सामान्य से कम बारिश
यूपी की ओबरा, अनपरा तापीय परियोजना एवं एनटीपीसी रिहंद को इसी डैम से पानी दिया जाता है। साथ ही शहर के लिए पानी की सप्लाई की जाती है। नगर निगम के अनुसार 61 एमएलडी पानी रोजाना शहर के लिए दिया जाता है। अगर, डैम में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं होता तो, परियोजनाओं से बिजली उत्पादन प्रभावित होगा। इस साल अब तक सामान्य से कम बारिश होने से डैम नहीं भरा है।
जिले में अब तक 605 मिमी. वर्षा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक औसतन 605 मिमी. वर्षा हुई है। जो सामान्य से भी कम है। पिछले साल इसी अवधि में औसतन 693 मिमी. वर्षा हुई थी। इधर, चार दिन से पानी न गिरने से लोग उमस से परेशान है। किसान टकटकी लगाए बैठे हैं। जबकि सावन अंतिम दौर में है। एक मेगावॉट बिजली पैदा करने के लिए 3600 क्यूबिक मीटर पानी की जरूरत पड़ती है।
बीते साल से कम पानी
रिहंद डैम के कंट्रोल रूम के अनुसार, रिहंद डैम में 863 फुट पानी है, जो पिछले साल 864 से कम हैं। वर्ष 2016 में अत्यधिक बारिश होने के चलते रिहंद डैम पूरी तरह से भर गया था। सभी गेट खोलने पड़े थे।
डैम के भरोसे परियोजनाएं
- परियोजनाएं वार्षिक पानी के लिए समझौता
- एनटीपीसी, विंध्यनगर 160.76 मिलियन घन मीटर
- एस्साार पॉवर 72.54 मिलियन घन मीटर
- रिलायंस पॉवर 112.28 मिलियन घन मीटर