
teachers did not get salary
सिंगरौली. जिले से स्थानांतरित होकर दूसरे जिले में गए शिक्षकों की समस्या अभी भी बनी हुई है। उनके कई ऐसे कार्य हैं जिसे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिंगरौली से पूरा नहीं किया गया। जिससे उनके वेतन आहरण में दिक्कत आ रही है।
इसी संबंध में कई शिक्षकों ने शिकायत किया है। शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन एप्रूवल का कार्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से होना है। लेकिन वहां कुछ कर्मचारी जानबूझकर मनमानी कर रहे हैं। जिससे शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है।
सैकड़ों शिक्षकों का हुआ है स्थानांतरण
सौ से ज्यादा शिक्षकों का स्थानांतरण जिले से बाहर हुआ है। स्थानांतरण आदेश मिलने के बाद से ही दिक्कत हो रही है। पहले तो शिक्षा विभाग के स्थानांतरण के बाद भी जिला प्रशासन ने इन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन हंगामा के बाद कार्यमुक्त करना पड़ा। अब शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी इन्हें अन्य प्रक्रियाओं के झमेले में डाले हुए हैं।
.................
सिंगरौली में हाइस्कूल गजरबहरा में पदस्थ था। वहां से मेरा स्थानांतरण मोहगांव भिण्ड हो गया है। स्थानांतरण के बाद हमने मोहगांव भिण्ड में आकर आमद दे दी है। लेकिन यहां वेतन निकलने में दिक्कत हो रही है। इसकी वजह यह है कि शिक्षा विभाग के पोर्टल पर प्रमाणित करना होता है कि सिंगरौली से स्थानांतरण हो गया है। तकनीकी भाषा में इसे ऑनलाइन एप्रूव कहा जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से यह प्रक्रिया होती है लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी सिंगरौली से ऑनलाइन एप्रूव नहीं किया। जिससे दिक्कत हो रही है।
अजय सिकरवार, मोहगांव भिण्ड
मै देवसर में पदस्थ था। वहां से मेरा स्थानांतरण पुरैल हो गया है। स्थानांतरण का ऑनलाइन एप्रूव डीईओ कार्यालय से होता है। लेकिन अभी तक नहीं हुआ। जिससे वेतन निकालने में दिक्कत हो रही है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पाण्डेय से शिकायत कर दी है। लेकिन इसके बावजूद एप्रूव नहीं हुआ। जिसकी वजह से वेतन नहीं निकल पा रही है। हमें दिक्कत हो रही है। जानबूझकर एप्रूव नहीं किया जा रहा है। इसके लिए बार - बार डीईओ कार्यालय जाना पड़ता है।
अरविंद तिवारी, अध्यापक पुरैल सिंगरौली
Updated on:
1 Aug 2018, 2:32 PM IST
Published on:
1 Aug 2018, 1:35 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.