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Sirohi: आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चे खा रहे एक्सपायरी डेट के मुरमुरे, कार्यकर्ताओं का बेतुका जवाब, हम भी तो बैकडेट का खा लेते हैं क्या हो गया

सरकार आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कुपोषित महिला एवं बच्चों के पोषण और बच्चों की नींव मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग की अनदेखी से प्रदेश के कई जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों के हाल-बेहाल है।

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राजस्थान सरकार आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कुपोषित महिला एवं बच्चों के पोषण और बच्चों की नींव मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग की अनदेखी से प्रदेश के कई जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों के हाल-बेहाल है। किसी केन्द्र में पोषण आहार में अनियमितता बरती जा रही, तो किसी केन्द्र में पोषण आहार का वितरण ही नहीं हो रहा। ताजा मामला सिरोही जिले में आंगनबाड़ी से जुड़ा है।

बच्चों को खिलाए एक्सपायरी डेट के मुरमुरे

सिरोही जिले में कुछ आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तो एक्सपायरी डेट के मुरमुरे ही बच्चों को खिलाए जा रहे थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरोही की सचिव सावित्री आनंद निर्भीक एवं उनकी टीम ने शहर सहित जिले के करीब एक दर्जन आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया जो विभाग के दावों और केन्द्रों की पोल खुलकर सामने आ गई। कई केन्द्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता में गिरावट, संचालन में अनियमितता, बच्चों की उपस्थिति में कमी, केन्द्रों में पसरी गंदगी, रिकॉर्ड का संधारण नहीं होना सहित कई खामियां पाई गई। ऐसे में विभाग से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों की मॉनिटरिंग पर कई सवाल खड़े हो गए।

इन केन्द्रों पर मिली खामियां

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सावित्री आनंद निर्भीक ने बुधवार को सिरोही शहर के वार्ड न. ,1, 2, 4, 5, 21, 23, 24 व वार्ड संख्या 25 में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया तो कई तरह की कमियां देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति अत्यंत चिंताजनक पाई गई। अधिकांश केंद्रों में संचालन में लापरवाही, रिकॉर्ड की अनियमितता, पोषण आहार की गुणवत्ता में गिरावट तथा बच्चों की उपस्थिति में कमी जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए।

ये मिली कमियां

● अधिकांश केंद्रों में साफ-सफाई का अभाव मिला
● बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं थी
● तीन केन्द्रों में एक्सपायरी डेट के मुरमुरे मिले
● पोषण आहार में अनियमितता, कई केंद्रों में पोषण आहार का वितरण ही नहीं, जहां हो रहा, वहां गुणवत्ता खराब
● आंगनबाड़ी केन्द्रों में करीब 11 रजिस्टर संधारित करने होते हैं, लेकिन कुछ केन्द्रों में रजिस्टर ही नहीं मिले
● बच्चों की उपस्थिति पंजिका, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच संबंधी अभिलेखों में कई महीनों के रिकॉर्ड अद्यतन नहीं
● अति कुपोषित बच्चों के रिकॉर्ड, टीकाकरण, शिक्षण संबंधी रजिस्टर का संधारण नहीं
● कुछ आंगनबाड़ी केन्द्र बंद मिले
● दो केन्द्रों में बच्चों की लंबाई नापने की मशीन मौके पर नहीं मिली

कार्यकर्ता बोली: ऊपर से आदेश, रजिस्टर का संधारण नहीं करना

प्राधिकरण सचिव ने रिकॉर्ड संधारण के रजिस्टर मांगे तो कार्यकर्ताओं ने जवाब दिया कि ऊपर के अधिकारियों ने आदेश दिए हैं कि अब से रजिस्टर संधारित नही करें, क्योंकि अब सारा काम ऑनलाइन किया जा रहा है।

मुख्यालय पर 8 केन्द्रों का औचक निरीक्षण

प्राधिकरण सचिव ने जिला मुख्यालय पर 8 केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। वहीं, उनकी टीम की ओर से एक दिन पहले पिंडवाड़ा क्षेत्र के कुछ केन्द्रों का निरीक्षण किया। सिरोही के तीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में मौजूद बच्चों को अवधिपार हो चुके मुरमुरे खिलाए जा रहे थे। सचिव के पूछने पर कार्यकर्ता ने जवाब दिया कि हम भी तो बैकडेट का खा लेते हैं, इससे क्या होगा। इस पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को एक्सपायरी डेट की कोई खाद्य सामग्री उपयोग नहीं लेने के निर्देश दिए। साथ ही अवधि पार मुरमुरे के कट्टों को अलग रखवाकर विभाग को अवगत कराया।