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Gold Silver Price Hike Impact: सोने और चांदी के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब आयुर्वेदिक चिकित्सा पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर धातु और रत्न मिश्रित औषधियों की कीमतों में तेज इजाफा होने से गंभीर रोगों का इलाज कराना गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है। महंगी दवाओं से मरीज ही नहीं, चिकित्सक भी इन्हें लिखने से बचने लगे हैं।
पहले आयुर्वेदिक चिकित्सा में स्वर्ण भस्म, रजत भस्म और मोती भस्म युक्त दवाओं की बिक्री खूब होती थी, लेकिन अब इनकी कीमतें कुछ दवाओं की 40 से 50 प्रतिशत तक तो कुछ दवाएं 150 से 200 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। दवाओं के कीमतें बढने से आम मरीज के लिए इन्हें खरीद पाना लगभग नामुमकिन हो गया है। नतीजतन मरीजों को बिना धातु और रत्न भस्म वाली दवाओं से ही इलाज कराना पड़ रहा है।
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कृति शर्मा ने बताया कि असाध्य और गंभीर रोगों में काम आने वाली अधिकांश औषधियों में सोने और चांदी की भस्म का उपयोग होता है। ये भस्म सुपर एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में काम करती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती हैं।
सोने-चांदी के भाव बढ़ने से इनका निर्माण महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर दवाओं की कीमतों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि हाल में कई औषधियों की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि मरीज महंगी दवा खरीदने से परहेज कर रहे हैं।
महंगी होती आयुर्वेदिक दवाओं के कारण मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। पहले ही इलाज कराना आमजन के लिए कठिन था और अब सोने-चांदी युक्त दवाओं की कीमत बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि धातु और रत्न मिश्रित औषधियों की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को प्रभावी आयुर्वेदिक इलाज से वंचित होना पड़ेगा।
सोने और चांदी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी का असर कई आयुर्वेदिक दवाओं पर पड़ा है। जिसमें स्वर्ण भस्म, बृहत वात चिंतामणि रस (लकवा व दिमाग संबंधी बीमारियों के लिए), रसराज (शारीरिक दुर्बलता) जैसी दवाओं के दाम 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। वहीं सिद्ध मकर ध्वज के दाम तो 150 से 200 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। यह दवा शरीर में कायाकल्प, ऊर्जा, प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाती है।
गंभीर रोगों के इलाज में सोने और चांदी की भस्म का उपयोग होता है। ये भस्म रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में काम करती हैं। सोने-चांदी के दाम बढ़ने से इन दवाओं की लागत और कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे मरीज महंगी दवा खरीदने से बच रहे हैं।
Updated on:
12 Feb 2026 05:03 pm
Published on:
12 Feb 2026 04:56 pm
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