1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए शहर के बारें में जहां बाजार तो बने पर फुटपाथ नहीं

शहर के भीतरी हिस्सों में चल रहे बाजार धीरे-धीरे खुले क्षेत्र में आए गए।यहां एक के बाद एक दुकानें भी बनती गईं, लेकिन फुटपाथ बनाने की किसी ने नहीं सोची। नतीजतन, राहगीर भी सड़क पर ही चलने लगे।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Amar Singh Rao

Jun 18, 2017

Know about the city where the market is but not th

Know about the city where the market is but not the sidewalk



शहर के भीतरी हिस्सों में चल रहे बाजार धीरे-धीरे खुले क्षेत्र में आए गए।यहां एक के बाद एक दुकानें भी बनती गईं, लेकिन फुटपाथ बनाने की किसी ने नहीं सोची। नतीजतन, राहगीर भी सड़क पर ही चलने लगे।आगे-पीछे चलते वाहनों की रेलमपेल और हादसे की आशंका के बावजूद सड़क के बीचों-बीच चलना उनकी मजबूरी भी है।
कॉम्पलेक्स व दुकानों का निर्माण करने पर नगर परिषद से अनुमति ली गई, लेकिन जिम्मेदारों ने भी पूरी अनदेखी की।निर्माण के साथ ही बाजार विकसित होते गए, लेकिन फुटपाथ का नामोनिशान नहीं है।
शहर के राजमाता धर्मशाला रोड, केंद्रीय बस स्टैंड मार्ग, छोटी मस्जिद मार्ग, जेल के पीछे मार्ग, कांजी हाउस रोड स्थित पालिका बाजार, भाटकड़ा सर्किल रोड समेत कई इलाकों में फुटपाथ है ही नहीं। दुकानदारों ने सुविधा के अनुरूप शेड जरूर बनाए हैं, लेकिन इससे रास्ता भी संकरा हो गया।रही-सही कसर बाहर तक रखे सामान ने पूरी कर दी।
अब भी नहीं
छोड़ रहे जगह
नई जगहों पर निर्माण कराने में मास्टर प्लान का भी पूरा ध्यान रखना है, लेकिन खुले स्थानों पर विकसित हो रहे बाजारों में इसकी अवहेलना की जा रही है।अब भी जो स्वीकृति दी जा रही है उसके तहत दुकान या कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाते समय बाहर समुचित जगह नहीं छोड़ी जा रही, जिससे यह समस्या नासूर की तरह बढ़ रही है।
&जिन जगहों पर दुकानदारों ने फुटपाथ तक कब्जा कर लिया है वहां जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। आवागमन को लेकर भी समुचित प्रबंध किए जाएंगे।
-ताराराम माली, सभापति, नगर परिषद, सिरोही

ये भी पढ़ें

image