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नौ साल से स्कीम का ही पता नहीं, सिंचाई तकनीक से वंचित सिरोही के आदिवासी किसान

प्रदेश के अन्य चार टीएसपी जिलों में सोलर लिट सिंचाई से बंपर उपज ले रहे किसान

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आबूरोड. प्रतापगढ़ जिले में सोलर लिट इरिगेशन प्लांट से फसल को पिलाया जा रहा पानी।

आबूरोड. प्रतापगढ़ जिले में सोलर लिट इरिगेशन प्लांट से फसल को पिलाया जा रहा पानी।

आबूरोड. केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से करीब 9 साल पहले सिरोही समेत पांच टीएसपी जिलों के लिए शुरू की गई सोलर लिट इरिगेशन स्कीम के बारे में हमारे जिले के टीएसपी आबूरोड और पिंडवाड़ा ब्लॉक के आदिवासियों को अभी तक जानकारी ही नहीं। आज तक एक भी किसान सिंचाई की इस तकनीक से लाभांवित नहीं हुआ। वहीं, अन्य चार टीएसपी जिलों में हजारों अनुसूचित जनजाति के किसान योजना के तहत नदी और नालों में जमा पानी से सिंचाई कर बंपर फसल उगा रहे।

वर्ष 2023-24 में सिरोही को छोड़कर चार अन्य जनजाति बहुल जिलों में चयनित किसानों को नवीन सोलर लिट प्लांट लगाने के लिए सरकार ने लाखों रुपए का बजट आवंटित किया था।

सरकार के जिमे खर्च

स्कीम अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले सोलर लिट प्लांट का सारा खर्च सरकार उठाने के साथ निर्धारित अवधि तक प्लांट के रखरखाव की जिमेदारी का निर्वहन करती है। सरकार तीन साल तक सोलर प्लांट के नि:शुल्क रखरखाव की व्यवस्था करती है। इसके बाद प्लांट संबंधित किसान या उनके समूह को सौंप दिया जाता है।

वर्ष 23-24 में नवीन सिस्टम स्वीकृत

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रतापगढ़ जिले में सोलर आधारित चार कयूनिटी लिट इरिगेशन सिस्टम के लिए 2 करोड़ 60 लाख 51 हजार रुपए व डूंगरपुर जिले में 15 सोलर सिस्टम के लिए 8 करोड़ 62 लाख 95 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इसी तरह बांसवाड़ा व उदयपुर जिले में स्कीम से कई आदिवासी किसान लाभांवित हो चुके हैं।

20 से 25 बीघा जमीन जरूरी

योजना का फायदा लेने के लिए संबंधित किसान या 10-15 किसानों के समूह की बरसाती नदी या नाले के पास 20 से 25 बीघा जमीन होना आवश्यक है। वहां 10 से 12 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट लगाकर नदी या नाले में जमा पानी खेत में पहुंचाकर फसल की सिंचाई की जाती है।

जानकारी नहीं दी

हमारे जिले में स्कीम से लाभांवित करवाने के लिए आदिवासी किसानों तक जानकारी पहुंचाने व प्रेरित करने में कमी रह गई। इस दिशा में प्रयास किए जाते तो अब तक ऐसे सैंकड़ों किसान समूह में या व्यक्तिगत लाभांवित हो सकते थे, जिनके खेत में फसलों को पानी पिलाने के लिए कुआं, बोरिंग व आसपास नहर की सुविधा नहीं है।

इनका कहना

सोलर लिट इरिगेशन स्कीम में सिरोही समेत पांच टीएसपी जिले शामिल हैं। स्कीम में प्लांट के लिए बरसाती नदी और नालों के निकट 20-25 बीघा कृषि भूमि व 10-15 किसानों का समूह होना या व्यक्तिगत किसान के पास इतनी भूमि होनी चाहिए। सिरोही जिले में स्कीम का आदिवासियों को फायदा मिले, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। कोई आवेदन करेगा तो जरूर आगे भिजवाएंगे।

नरेश पानेरी, परियोजना अधिकारी, स्वच्छ अभियान, जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग, आबूरोड

मुझे भी इस स्कीम की जानकारी नहीं है। आबूरोड क्षेत्र में कई पंचायतों में नदी और नालों के पास अलग-अलग आदिवासी परिवारों की एक लाइन में 20-25 बीघा जमीन है। अधिकारियों से बात कर किसानों को स्कीम का फायदा उठाने के लिए प्रेरित करेंगे।

लीलाराम गरासिया, प्रधान, पंचायत समिति, आबूरोड


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