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ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच की जरूरत

सिरोही जिले के ग्रामीण अंचलों में कई प्रतिभाएं संघर्षरत हैं।

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गेली बाई

सिरोही/ माउंट आबू पत्रिका. सिरोही जिले के ग्रामीण अंचलों में कई प्रतिभाएं संघर्षरत हैं। विशेषकर महिलाओं को अनुकूल मंच मुहैया करवाने की आवश्यकता है। जिसमें मीडिया अहम भूमिका अदा कर सकता है। यह बात रेडियो मधुबन स्टेशन इंचार्ज यशवंत पाटिल ने रविवार को माउंट आबू प्रवास के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के दूरदराज के ग्रामीण अंचलों का सघन अध्ययन करने पर यह तस्वीर सामने आई। जिसके चलते सिरोही जिले के रेवदर ब्लॉक की पादर ग्राम पंचायत की ५५ वर्षीय मेथीपुरा गांव की रहने वाली आदिवासी समुदाय की गेली बाई तीसरी कक्षा तक पढ़ी है। छह सदस्यों वाले उनके परिवार की आय का मुख्य साधन खेती है। अपने छोटे से जमीन के टुकड़े पर अनाज उपजाने के साथ वो खेत मजदूर के तौर पर काम करती है।
सामाजिक सरोकारों में भी गेली आगे
पाटिल के अनुसार गेली बाई पिछले एक दशक से सामाजिक कार्यों में रुचि लेकर बेहतर काम कर रही है। न केवल बालविवाह रोकथाम, बालिका शिक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों पर अपने समुदाय के लोगों की समझ को साफ करने में वह सक्रिय है बल्कि अपने वार्ड की समस्याओं पर भी उनकी लगातार नजर रहती है।
शराबबंदी आंदोलन का किया नेतृत्व
गेली ने क्षेत्र की सड़कों को ठीक कराने, पेयजलापूर्ति समस्या समाधान, गांव के विकास को सरकारी राशि उपलब्ध कराने, महिलाओं, बालिकाओं के हित में कार्य करने, पादर व भटाणा ग्राम पंचायत की सात अवैध शराब की दुकानों को बंद कराने के आंदोलन का नेतृत्व किया।
संघर्ष की यह
भी है दास्तां
गेली बाई को इस कार्य में काफी संघर्ष करना पड़ा। महिलाओं से बात की, उन्हें समझाया कि शराबबंदी के खिलाफ आवाज उठाएंगे। ऐसे ही बैठे रहे तो हमारे पूरे परिवार उजड़ जाएंगे। हालांकि शुरुआत में इस अभियान के लिए महिलाओं को एकजुट करने में गेली बाई को खासी परेशानी हुई, लेकिन अंतत: क्षेत्र की महिलाए इस अभियान में गेली बाई के साथ जुड़ गई।
जिद आगे झुके अधिकारी
निर्धारित समयावधि बीतने के बाद प्रशासन के वादे का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं दिखा। अंतत: महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देते हुए कहा किअब हम तभी उठेंगे जब शराब की दुकानें मैथीपुरा से हटा दी जाएंगी। महिलाओं की इस जिद को देख एसडीएम, आबकारी थाना प्रभारी, एमएलए, तहसीलदार, सांसद स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे। महिलाओं ने तीन मांगें रखीं जिसमें पहली मांग मैथीपुरा से शराब की दुकानें हटाने, दूसरी मांग भटाणा चौकी प्रभारी को हटाने व तीसरी मांग शराब की दुकान के पास बने होटलों को बंद करने की थी। जिस पर प्रशासन ने पादर व भटाणा ग्राम पंचायत में शराब की अवैध दुकानें बन्द करवाई। वहीं मैथीपुरा शराब की दुकान के पास चल रहे होटल को बंद करवाया। भटाणा चौकी प्रभारी को वहां से हटवा दिया गया।
इन महिलाओं की पहल भी सराहनीय
पाटिल के अनुसार जिले के ग्रामीण अंचलों के वृहत स्तर पर किए गए सर्वेक्षण से सामने आया कि ग्राम पंचायत भारजा की कमला गरासिया, अचपुरा की पुष्पा गरासिया, रमिया गरासिया, ग्राम पंचायत घरट की केसी गरासिया समेत कई महिलाएं स्वच्छ भारत मिशन के तहत क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त कराने, स्वच्छता को लेकर सजग करने, समाज में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने, अंधविश्वासों को दूर करने, महिलाओं का सशक्तीकरण करने, सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से समाज को लाभान्वित करने समेत विभिन्न सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देकर अपनी पहचान बनाने में संघर्षरत है।

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