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सिरोही: स्मार्ट मीटर लगते ही आया 42 हजार रुपए का बिजली बिल, फिर बच्चे से चालाकी से करा लिए हस्ताक्षर

सिरोही जिले के नागाणी गांव में स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता किशोर सिंह के नाम 42 हजार रुपए का बिजली बिल जनरेट हो गया। उपभोक्ता का आरोप है कि बाद में विभागीय कर्मचारियों ने नाबालिग बच्चे से हस्ताक्षर भी करा लिए। विद्युत निगम ने गलत मीटर नंबर अपलोड होने की बात स्वीकार करते हुए बिल सुधारने और जांच का भरोसा दिया।
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Sirohi News

नागाणी गांव में लगाया गया स्मार्ट मीटर (पत्रिका फोटो)

नागाणी (सिरोही): स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली बिल में गड़बड़ी का एक चौंकाने वाला मामला नागाणी गांव में सामने आया है। यहां एक उपभोक्ता के नाम करीब 42 हजार रुपए का बिजली बिल दर्ज हो गया, जबकि उसके अब तक हर महीने शून्य या बेहद कम राशि का बिल आता रहा है। मामले के बाद ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता और बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।

नागाणी निवासी किशोर सिंह ने बताया कि उनके हर महीने की तरह बिजली विभाग का कर्मचारी रीडिंग लेने पहुंचा। रीडिंग दर्ज करते समय सिस्टम में करीब 42 हजार रुपए का बिल दिखाई दिया। अधिक राशि देखकर कर्मचारी ने उपभोक्ता को बिल नहीं सौंपा और बताया कि इसमें तकनीकी गड़बड़ी है। उसने भरोसा दिलाया कि मामला उच्च अधिकारियों के पास भेजकर बिल में सुधार कराया जाएगा।

किशोर सिंह का कहना है कि इसके कुछ समय बाद विभाग के कर्मचारी उनके घर पहुंचे। उस समय वह खेत स्थित कुएं पर था। उसका कहना है कि कर्मचारियों ने उनके नाबालिग बच्चे से यह कहकर हस्ताक्षर करवा लिए कि पूरे गांव में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। बाद में जानकारी मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों से बिना जानकारी हस्ताक्षर कराने पर आपत्ति भी जताई।

उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने बिजली कर्मचारी प्रवीण कुमार से फोन पर बात की। कर्मचारी ने भी स्वीकार किया कि रीडिंग के दौरान बिल में गड़बड़ी सामने आई थी, इसलिए बिल जारी नहीं किया गया और सुधार के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। बाद में तकनीकी कर्मचारी ने पुराने बिजली बिलों की प्रतियां मांगी, जिन्हें विभाग को उपलब्ध करा दिया गया।

किशोर सिंह का कहना है कि पहले आए छोटे-छोटे बिजली बिल भी उन्होंने समय पर जमा कराए है। इधर, विभाग के एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि गलती से दूसरे उपभोक्ता देवाराम प्रजाजी की रीडिंग किशोर सिंह के खाते में दर्ज हो गई थी, जिससे अधिक राशि का बिल बन गया। जब देवाराम से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनके घर में केवल कुछ बल्ब और पंखे चलते तथा उनका भी हर महीने शून्य रुपए का बिजली बिल आता है।

ऐसे में विभाग की यह सफाई भी सवालों के घेरे में आ गई है कि यदि दूसरे उपभोक्ता का बिल भी शून्य आ रहा है तो उसकी रीडिंग दर्ज होने से 42 हजार रुपए का बिल कैसे बन गया।

इनका कहना है

कंपनी की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान कुछ स्थानों पर गलत मीटर नंबर अपलोड कर दिए गए। इसी कारण संबंधित उपभोक्ता का बिजली बिल अधिक राशि का जनरेट हुआ है। विभाग इस त्रुटि को सुधार रहा है और उपभोक्ता का सही बिल जारी किया जाएगा। मामले में कंपनी से स्पष्टीकरण भी मांगा जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-मुकेश कुमार, एईएन, विद्युत निगम रेवदर