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सीतापुर. जिले में आदमखोर कुत्तो का आतंक लगातार जारी है। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद खैराबाद इलाके में कुछ मासूम बच्चों को शुक्रवार को फिर इन आदमखोर कुत्तों के हमले का सामना करना पड़ा। कुत्तों के हमले से आज दो बच्चों की मौत हो गई जबकि दो बच्चे घायल हुए है। घटना शहर कोतवाली और सीमावर्ती खैराबाद थाना इलाके की है।
पहली वारदात शहर कोतवाली के गुजर ग्राम सभा के पीरपुर और बुढाना गांव में आदमखोर कुत्तों ने दो बच्चों पर हमला बोल कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल बच्चों को इलाज के जिला अस्पताल में लाया गया, जहां उपचार के दौरान एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। दूसरे बच्चे का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
दूसरी घटना खैराबाद थाना क्षेत्र के महसिंघपुर और चौबेपुर गांव की है। यहां आज सुबह 6 वर्षीय गीता पर आवारा कुत्तों ने हमला बोल कर मौत के घाट उतार दिया। वही चौबेपुर गांव के बाहर साइकिल से स्कूल जा रही एक किशोरी को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इन घटनाओं से इलाके में दहशत बनी हुई है और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।
16 कुत्ते पकड़ने का दावा करा रह प्रशासन
आदमखोर कुत्तों के हमले से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट हर्षदेव पाण्डेय का कहना हैं कि आदमखोर कुत्तों से निजात पाने के लिए मथुरा से डॉग कैचर बुलाये गये है जिनके द्वारा अभी तक 16 कुत्तों को कैद किया गया है। इन कैद आदमखोर कुत्तों को गोला गोकर्ण नाथ के जंगलों में छोड़ा जाएगा। हालांकि प्रशासन द्वारा कोशिश तो की जा रही है लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां हर रोज बच्चे कुत्तों का शिकार हो रहे है।
अखिलेश यादव ने जांच कमेटी का किया गठन
अब तक कुत्तों के हमले से कुल 11 बच्चों की मौत हो चुकी है जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके है। सैकड़ों बकरियां को अब तक ये कुत्ते अपना निवाला बना चुके है। इन घटनाओं को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी का गठन किया है। यह जांच कमेटी तीन दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सपा अध्यक्ष को सौंपेगी।
खैराबाद थाना क्षेत्र में आदमखोर कुत्तों का शिकार हुए बच्चे
जनवरी-2018 : गोविंदासराय गांव के कैलाश की 11 वर्षीय बेटी सोनम को शौच जाते समय कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्ची की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
21 जनवरी : गुरपलिया गांव के रहीम का 12 वर्षीय बेटा मोबीन शौच को गया था। कुत्तों ने हमला कर दिया। मोबीन की मौत हो गई।
10 फरवरी : खुरेहटा गांव के सिद्धनाथ की सात वर्षीय बेटी शगुना शौच के लिए गई थी। आदमखोर कुत्तों के हमले में शगुना की मौत हो गई।
8 मार्च : बद्रीखेड़ा गांव के मासूक अली का दस साल का बेटा अरबाज मां के साथ खेत गया था। कुत्तों ने हमला कर दिया। अरबाज की जान तो बच गई लेकिन अबतक बिस्तर पर ही है।
16 मार्च : बद्रीखेड़ा गांव के कल्लू के दस वर्षीय बेटे को आदमखोर कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मौत के घाट उतार दिया।
22 मार्च : नेवादा गांव के रसीद की 13 वर्षीय बेटी सानिया घर से कुछ ही दूर शौच के लिए गई थी तभी आदमखोर कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। सानिया ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
27 अप्रैल : रहीमाबाद गांव के रोशनलाल की 10 वर्षीय बेटी सलोनी पर आदमखोर कुत्तों ने हमला कर दिया। रोशनी शाम चार बजे अपनी ताई के साथ खेत गई थी।
Published on:
04 May 2018 02:25 pm
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