
Viral Fever in Sitapur
सीतापुर. Dengue. मथुरा, फिरोजाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी के बाद अब सीतापुर में भी रहस्यमयी बुखार (Viral Fever) ने कदम रख दिया है। धीरे-धीरे सैंकड़ो लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। वायरल बुखार का प्रकोट जोरों पर हैं। सीतापुर के कई कस्बों में बुजुर्ग व बच्चों सहित नौजवानों में बुखार देखा जा रहा है। तकरीबन तीन दर्जन से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। टीमों ने प्रभावित इलाकों में दवाइयां बंटवाने व फॉगिंग का काम शुरू कर दिया है। यहां सबसे ज्यादा प्रभावित खैराबाद इलाका हैं जहां जहां लगभग आधा दर्जन गांव में बच्चे और बुजुर्गों के बुखार से पीड़ित होने की जानकारी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें रहस्यमयी बुखार की चपेट में आये लोगों की सैम्पलिंग कराकर जांच पड़ताल में जुट गया है, हालांकि अभी तक किसी में गंभीर बीमारी पकड़ में नहीं आई, लेकिन लोगों में भय व्याप्त तो स्वास्थ्य विभाग अलर्ट। गांव वालों का यह भी दावा है कि बीते एक माह में 50 से अधिक लोगों की इससे मौत हो चुकी है, लेकिन डॉक्टर 15 से 20 का दावा कर रहे हैं। यूपी सरकार ने प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश के बाद आई डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार जैसी बीमारियों के मद्देनजर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
बुखार की चपेट में कई कस्बे-
रहस्यमयी बुखार की चपेट से सीतापुर शहर से 20 किलोमीटर दूर खैराबाद कस्बे के मधवापुर, असोहड़, उल्जापुर व एलिया ब्लॉक के बसेती गांव में तीन दर्जन से अधिक लोग आ चुके हैं। प्रभावित लोग सरकारी अस्पतालों सहित अन्य जगहों पर अपना इलाज करा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कस्बों में व्याप्त गंदगी के चलते लोग रहस्यमयी बुखार की चपेट में आ रहे हैं और शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सब कुछ जानकर भी अंजान बना हुआ है। तमाम गांवों में पूरा-पूरा परिवार बीमार पड़ रहा है। लोग इसे दिमागी बुखार, मलेरिया व डेंगू का नाम दे रहे हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सतेंद्र सिंह का कहना है कि हर संक्रमित इलाके में फॉगिंग कराकर प्रत्येक कस्बों में दवाइयों का वितरण किया जा रहा है। एसीएमओ का कहना है कि अभी तक संक्रमित बीमारी से किसी की मौत अभी तक नहीं हुई है। लोगों की सैम्पलिंग कराकर जांच कराई जा रही है।
सीएचसी अधीक्षक बोले मलेरिया के लक्षण-
सीएचसी अधीक्षक एलिया डॉ मनीष गुप्ता का कहना है कि गांव में कैंप लगाकर लोगों में दवाइयां भी बंटवाई गई हैं। गांव में सिर्फ 15 से 20 लोग ही वायरल की चपेट में है। डॉक्टर ने बतया कि यह मलेरिया के लक्षण हैं। हम लोग इसकी पूरी निगरानी कर रहे।
Updated on:
05 Sept 2021 05:09 pm
Published on:
05 Sept 2021 05:05 pm
बड़ी खबरें
View Allसीतापुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
