
सीतापुर. यूपी के सीतापुर की डालमिया चीनी मिल में केन माफियाओं ने खुलेआम लायसेंसी और देशी असलहों से गन्ना अधिकारियों पर फायरिंग की और अपनी गाड़ियों से जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। ये पूरा मामला CCTV फुटेज में कैद हो गया है।
दरअसल सीतापुर डालमिया चीनी मिल में लगे CCTV इस बात के गवाह है की उत्तर प्रदेश में किस तरह गन्ना माफिया चीनी मीलों के अधिकारियों पर हावी है। उन पर किस तरह से जबरन गन्ना खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारियों का आरोप है की माफिया लगातार उन पर जबरन गन्ना खरीद का दबाव बना रहे थे। आरोप ये भी है की माफिया सस्ते दामो पर गन्ना किसानो से खरीद कर लाते है और अच्छे रेट पर मिल अधिकारीयों पर दबाव बनाकर बेचने की कोशिश करते है। वहीं जब इनकार किया जाता है तो अक्सर जान से मारने की धमकी देते है और गाली गलोग करते है, लेकिन 24 फरवरी 2018 की रात करीब 11 बजे चीनी मिल का परिसर गोलियों की तडतडाहट से गूंज उठा। हद तो तब हो गयी जब केन माफिया से अपने साथियो से साथ मिलकर मिल अधिकारियों पर पिस्टल और देशी कट्टों से फायरिंग कर दी। किसी तरह जान बचाकर भागे केन अधिकारियों का कहना है की जब वो मिल में मौजूद आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी गन्ना माफिया धरमपाल दो गाडियों से अपने साथियो के साथ मौके पर आ गया और मिल के गन्ना अधिकारी राम नरेश यादव के साथ पहले मारपीट की। उसके बाद जान से मरने की नीयत से फायर झोंक दिया। इतना ही नहीं जब राम नरेश ने भाग कर अपनी जान बचने की कोशिश की तब भी उनको दौडाते हुए भी 4 से 5 राउंड फायरिंग की गयी। इस बीच हमलावरों ने एक और डिप्टी गन्ना अधिकारी पर पिस्टल तान कर फायर किया लेकिन उनका कारतूस देशी तमंचे में ही फंस गया। जिसके बाद उन्होंने उनसे अपनी जान की भीख मांगी तब जा कर वो बच सके। मिल में लगे CCTV फुटेज में गन्ना माफिया की गुंडई साफ़ दिखाई दे रही है। उधर इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है की मिल के अधिकारियों ने गन्ना माफिया धरमपाल को नामज़द करते हुए, 4 और लोगों को बताया है। सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. तालाश की जा रही है।
Updated on:
26 Feb 2018 08:30 am
Published on:
26 Feb 2018 07:16 am
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