21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Sitapur Murder Case: अजीत ने पहले से रची थी हत्या की साजिश, खाने में मिलाई थी नींद की दवा

Sitapur Murder Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हुए सामूहिक हत्याकांड को अजीत ने एक सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया। उसने हत्याकांड की रात को ही खाने में नींद की गोलियां मिला दी थी।

3 min read
Google source verification
Sitapur Murder Case

Sitapur Murder Case

Sitapur Murder Case: सीतापुर जिले के पल्हापुर हत्याकांड को लेकर रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में जुटी पुलिस को पता चला है कि छह हत्याओं के मास्टरमाइंड अजीत सिंह ने अपने भाई अनुराग के परिवार को नींद में ही मौत के घाट उतारने की साजिश काफी पहले रची थी।

इसके लिए उसने महमूदाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर से 15 दिन पहले नींद की दवाएं खरीदी थीं। हत्या वाली रात अजीत ने नशीली दवाओं को घर के खाने में मिला दिया था, लेकिन प्रियंका और उसके बच्चे लखनऊ स्थित घर से खाना खाकर आए थे। इसलिए उसका यह प्लान चौपट हो गया था। मां सावित्री भी खाना खा चुकी थी। सिर्फ अनुराग ने ही नींद की दवा मिली नशीली खिचड़ी खाई थी। अजीत चाहता था कि पूरे परिवार को नींद में ही मौत के घाट उतार दिया जाए।

बिना किसी पर्चे के अजीत ने मेडिकल स्टोर से ली थी दवा

एसपी चक्रेश मिश्रा, एसटीएफ के एडिशनल एसपी अमित नागर, एसओजी और आईजी की क्राइम टीम ने बुधवार सुबह से ही महमूदाबाद कोतवाली में डेरा डाल दिया। अजीत उसकी पत्नी विभा और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की। इसके साथ महमूदाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर के संचालक से भी सख्ती से पूछताछ हुई।

पूछताछ में पता चला कि इसी दुकान से अजीत ने नशीली दवाइयां खरीदी थीं। खास बात यह है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने बिना किसी चिकित्सक के पर्चे के ही अजीत को यह दवाइयां बेंच दी थीं। उसने यह पड़ताल करना भी जरूरी नहीं समझा कि अजीत यह दवाइयां क्यों खरीद रहा है।

क्या है मामला?

10 मई को देर रात 3 बजे रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में अजीत ने अपने भाई अनुराग, उसकी पत्नी प्रियंका और उसके तीन बच्चों के साथ मां सावित्री की नृशंस हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को फोन कर भाई अनुराग ही इस हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।

पुलिस उसके बयान को सच मान बैठी थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा को बदल दिया था। इसके बाद अजीत को पुलिस ने हिरासत में लिया तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। अब पुलिस इस हत्याकांड से जुड़ी कड़ियां खंगाल रही है।

यह भी पढ़ें: पूर्व मुख्यमंत्री की नातिन की हत्या से हाईप्रोफाइल हुआ सीतापुर मर्डर केस, STF सुलझाएगी 6 हत्याओं का मामला

तमंचे से ही चली थी गोलियां

पुलिस ने पल्हापुर गांव में अनुराग के कमरे से बरामद देसी तमंचे को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा था। सूत्रों की मानें तो बैलेस्टिक जांच में यह साबित हो गया है कि देसी तमंचे से ही अजीत ने अनुराग और अन्य परिजनों की हत्या की है। पुलिस ने घर से तमंचा बरामद किया था।

अजीत की हो चुकी बाईपास सर्जरी

इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड हृदय रोग से पीड़ित है। सूत्रों की मानें तो करीब दो माह पूर्व उसने बाईपास सर्जरी कराई थी। जिसमें उसके काफी रुपये खर्च हो गए थे। उसकी अभी भी दवाएं चल रही हैं।

नहीं कबूली भाड़े के हत्यारों की बात

अजीत से एसओजी और एसटीएफ की टीमों ने कड़ी पूछताछ की। इसके बावजूद अब तक अजीत ने भाड़े के हत्यारों के शामिल होने की बात नहीं कबूली है। पुलिस भी यह दावा कर रही है कि अजीत ने खुद ही हत्याकांड को अंजाम दिया है।