
सीवान में छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करता पुलिसकर्मी। फोटो-एक्स
NEET पेपर लीक के खिलाफ बिहार में हुए छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीवान के एसपी ने संबंधित पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया। 25 जुलाई को छात्र संगठनों ने पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बिहार बंद बुलाया था।
इसी दौरान सीवान में प्रदर्शन के बीच एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ। घटना के दौरान तीन प्रदर्शनकारी छात्र गोली लगने से घायल हुए थे और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि घायलों में से एक छात्र को पुलिस की गोली लगी है, जबकि अन्य दो को गोली कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि "बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं। इसके साथ ही सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।"
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी घटना का वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि "सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर AK-47 से सीधे गोलीबारी की। जब कोई अपराधी मुख्यमंत्री बन जाता है, तो पुलिस निर्दोष छात्रों पर गोलियां चलाती है।" तेजस्वी यादव का दावा है कि वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी के हाथ में AK-47 राइफल दिखाई दे रही है और उसी से प्रदर्शनकारी छात्रों पर फायरिंग की गई। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग किया गया। साथ ही, गोली लगने की घटना और वायरल वीडियो की जांच जारी है।
Updated on:
27 Jul 2026, 1:17 PM IST
Published on:
27 Jul 2026, 1:06 PM IST
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