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Sonbhadra News: करोड़ो रुपये के राजस्व चोरी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेद और मोबाइल बरामद

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले से एक बड़ी खबर सामने आई हैं। यहां पर बड़े पैमाने पर राजस्व की चोरी करने वाले सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार ने किया है।

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आरोपी के पास से 1 लाख 88 हजार रुपये और एक मोबाइल बरामद किए गए हैं।

Sonbhadra News: खनिज के मामले में जितना विख्यात सोनभद्र है उतना ही विख्यात यहाँ पर अवैध रूप से राजस्व को क्षति पहुचाने के मामले भी है। हालांकि, प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करता रहता है। ऐसे ही एक मामले में चोपन पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। करोड़ों की फर्जी परमिट मामले में एक सरगना को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से कमीशन का पैसा और एक मोबाईल भी बरामद किया है।

यूं तो खनन क्षेत्र से सरकार को करोड़ों का राजस्व मिलता है। फिर भी जिस हिसाब से राजस्व मिलना चाहिए, उस हिसाब से सरकार को राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पाती। कभी अवैध खनन करके राजस्व की चोरी तो कभी ओवर लोड और बिना परमिट के परिवहन कर राजस्व की चोरी होती चली आ रही थी।

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आरोपी के पास मिले 1 लाख 88 हजार रुपये
खनन माफियाओं ने राजस्व चोरी का अब नया सिस्टम तरीका बना लिया है। ई- प्रपत्र सी यानी परमिट को गलत तरीके से जारी कर राजस्व और रॉयलटी की चोरी की जा रही है। सीओ सदर राहुल पांडेय ने खुलासा करते हुए बताया कि बंद पड़ी खदानों के लाइसेंस पर गलत फॉर्म जारी करके उच्च दामों में बेचते थे। पुलिस ने रैकेट के सरगना रवि पांडेय को अरेस्ट किया है। पूरा मामला लगभग 1 करोड़ 40 लाख का है। मौके पर आरोपी के पास से 1 लाख 88 हजार रुपये बरामद किए गए है। साथ ही एक मोबाइल भी बरामद किया गया है। जिसका उपयोग अपराध के लिए किया जा रहा था।

सीओ सदर ने बताया कि मई महीने में मामला सामने आने के बाद खनन अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज कराया गया था। ये पहली गिरफ्तारी है। एक और मास्टर माइंड का नाम सामने आ रहा है जो मिर्जापुर निवासी है। मिर्जापुर निवासी मास्टर माइंड दीपचन्द द्विवेदी द्वारा ई प्रपत्र सी यानी परमिट फर्जी तरीके से तैयार कर रविकांत पाण्डेय के माध्यम से लोकल एरिया में अपने साथियों के जरिए बेचा करता था।

अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा अवैध खनन
कुल मिलाकर देखा जाए तो सोनभद्र में जिस तरह से खनन क्षेत्र में चोरी हो रही है। इसमें दूसरे जिलों के सरगना का भी नाम आ रहा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अपराधियों के बहुत बड़ा नेटवर्क है जो सिंडिकेट तरीके सोनभद्र में कार्य करता है। लेकिन ये भी बात सच है कि बिना अधिनारियों की मिलीभगद से इतना बड़ा फर्जी रैकेट कैसे चल सकता है। अपराधियों से कड़ी पूछताछ होनी चाहिये। जिससे अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हो सके और आगे सरकार को राजस्व की क्षति न पहुँचे।

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