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गांव की ऐसी महिला, जिसने अपने जज्बात से बदल डाली ऐसे तस्वीर और अब बच्चों को सिखा रही ये….

अब वह गांव के बच्चों को अंग्रेजी सिखाती है।

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जयपुर। गांव की एक ऐसी महिला, जिसे पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता था। शादी के सात साल हो चुके थे। लेकिन पढ़ने की इच्छा थी और अंग्रेजी सिखना चाहती थी। उसे मौका मिला तो आज वह अंग्रेजी सिख गई। और अब वह गांव के बच्चों को अंग्रेजी सिखाती है। यह मामला अलवर के रामगढ़ का है। जहां पर सना ने यह कर दिखाया है।

बता दें कि 12वीं तक की पढ़ाई के बाद सना की शादी हो गई थी और आगे की पढ़ाई का उसका सपना अधूरा रह गया, लेकिन शिक्षा के प्रति सना के जज़्बे ने रास्ता ढूंढ़ लिया और 7 साल के बाद उसके मन में शिक्षा की लौ फिर जागी। सना का कहना है कि निहार शांति पाठशाला फनवाला ने मुझे आगे की शिक्षा का रास्ता दिखाया हैं।

सना ने अपने संघर्ष और जज़्बे की कहानी बयान करते हुए कहा कि एक तरफ़ मेरी मां मानती थी कि लड़कियों को घर सम्भालना है, उन्हें ज़्यादा पढ़ाना-लिखाना नहीं चाहिए, वहीं मेरी ख़ुशनसीबी है कि मेरी सास ने मेरी पढ़ने व घर की आमदनी में हाथ बटाने की चाह को सम्मान दिया। आज जब लोग मुझे मैम कहकर बुलाते हैं तो सबसे ज़्यादा गर्व मेरी सास को ही होता है।