
दिसंबर 2015 में काशी आए थे शिंजो आबे हुई थी द्वीपक्षीय वार्ता बता दें कि जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे 12 दिसंबर 2015 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग काशी दौरे पर आए थे। उस दौरान वो यहां दो दिन रुके होटल ताज गैंजेज (होटल गेटवे) में रुके। उस वक्त दोनों प्रधानमंत्री के बीच काशी सहित भारत के विकास पर लंबी चर्चा हुई थी। यहां तक कि भारत में बुलेट ट्रेन चलाने की योजना भी उसी वक्त तैयार हुई।

दशाश्वमेध घाट की मठिया से काशी में उत्तर वाहिनी हो कर बहती मां गंगा और अर्द्धचंद्राकार घाटों की खासियत बताते पीएम नरेंद्र मोदी।

ताज होटल से जब दोनों प्रधानमंत्री का काफिला गंगा घाट के लिए निकला तो सड़क किनारे खड़े बच्चों ने दोनों देशों के नेशनल फ्लैग हिला कर उनका स्वागत किया।

गंगा आरती और गंगा पूजन से पहले काशी के पुरोहितों ने दोनों प्रधानमंत्री को तिलक लगाया। आशीर्वाद दिया।

दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के दौरान जापान के पीएम शिंजो आबे ने सेल्फी भी ली और आरती तथा घाटों की तस्वीर भी अपने मोबाइल से उतारी और पीएम नरेंद्र मोदी को दिखाया। उन तस्वीरों को देख नरेंद्र मोदी भी हंस पड़े।

काशी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की गंगा आरती शुरू हुई तो दोनों प्रधानमंत्री हाथ जोड़ कर खड़े हो गए। जब तक आरती चलती रही वो अपलक निहारते रहे।

काशी के दशाश्वमेध घाट पर शिंजो आबे ने भारत-जापान में सुख-शांति व समृद्धि की कामना की थी वो प्रकरण आज काशीवासियों को आज बरबस याद हो आया जब शिंजो आबे ने हाथ में गंगाजल लेकर भारत-जापान में सुख शांति समृद्धि की कामना की थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गंगा में नौका विहार भी किया था।

काशी का रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर शिंजो आबे की देन काशी का रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की देन है। ये शिंजो आबे का तोहफा है काशी वासियों को।