
राजस्थान में पशुधन को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने एक 'महा-टीकाकरण' अभियान की शुरुआत की है। पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को जयपुर के बगरू स्थित रामदेव गोशाला से इस राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत प्रदेश के 2 करोड़ 32 लाख गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं को खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग से बचाव के टीके लगाए जाएंगे।
टीकाकरण कार्यक्रम के सातवें चरण का शुभारंभ करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति समर्पित है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राजस्थान को पूरी तरह से खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाना है। इस अभियान के तहत विभाग की टीमें गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर पशुओं का नि:शुल्क टीकाकरण करेंगी।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीना के अनुसार, फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) एक अत्यंत संक्रामक विषाणु जनित रोग है।
राजस्थान में इस समय लगभग 2.32 करोड़ गाय और भैंसों को टीका लगाने के पीछे मुख्य कारण पशुधन की सुरक्षा और डेयरी सेक्टर को मजबूती देना है।
मंत्री कुमावत ने प्रदेश के सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
शुभारंभ के दौरान मंत्री ने रामदेव गौशाला का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि टीकाकरण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और इसकी सतत निगरानी की जाए ताकि कोई भी पशु इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।
Published on:
17 Mar 2026 02:40 pm
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