
Rain in kota
इस वर्ष मानसून का जुलाई महीना कोटा शहर के लिए अपेक्षाकृत सूखा रहा। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जुलाई में 81.6 मिलीमीटर कम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई 2026 में शहर में कुल 168.9 मिमी वर्षा हुई। जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 269.7 मिमी रहा था। कम बारिश का असर शहर के जलाशयों, भूजल स्तर और कृषि गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है।
मानसून सीजन की शुरुआत 20 जून से हुई थी। 20 से 30 जून के बीच शहर में 19.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद जुलाई में हुई वर्षा को मिलाकर इस मानसून सीजन में अब तक कुल 191.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि बीच-बीच में अच्छी बारिश के दौर आए। काली घटाएं छाती भी है, लेकिन बादल छका कर निकल गए। पूरे महीने का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी पीछे रहा। इसके चलते इस बार चम्बल के बड़े बांधों के भी गेट नहीं खुले। जबकि पिछले साल बांधों के गेट खुल गए थे।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना वेल मार्क लो प्रेशर एरिया अब कमजोर होकर सामान्य कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। वर्तमान में यह दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान एवं आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय है। इसके कमजोर पड़ने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में भी कमी आने लगी है। 3 अगस्त से मानसून ट्रफ लाइन उत्तर की ओर शिफ्ट होगी। जिसके चलते कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। दूसरी ओर 3 से 5 अगस्त के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी कुछ दिनों तक कोटा संभाग में भारी बारिश की संभावना कम रहेगी। बारिश में कमी के कारण उमस बढ़ सकती है और दिन के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द कोई नया मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं हुआ तो अगस्त के पहले सप्ताह में भी कोटा में व्यापक बारिश की संभावना सीमित रहेगी।
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Updated on:
02 Aug 2026 08:09 pm
Published on:
02 Aug 2026 08:09 pm
