खंडवा . आदि शंकराचार्य ने जिस ओंकारेश्वर की भूमि पर गुरु दीक्षा ली थी, आज हजारों साल बाद वे फिर उसी भूमि पर उसी रूप में खड़े दिख रहे हैं। मंगलवार को मूर्ति के आसपास से स्ट्रक्चर हटाते ही ऐसा प्रतीत हुआ, जैसे आचार्य शंकर भगवान ओंकार और मां नर्मदा को प्रणाम कर रहे हैं। मूर्ति की भव्यता ऐसी है कि 10 किमी दूर से भी साफ दिखाई दे रही है। पर्यटक मूर्ति के दर्शन ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग से भी कर ले रहे हैं। आदि शंकराचार्य की मूर्ति का मुख ज्योतिर्लिंग और मां नर्मदा की ओर है। मूर्ति के चारों ओर हरियाली और पीछे की ओर नर्मदा की कल-कल धारा बहती नजर आती है। इससे यह दृश्य और भी मनोरम हो जाता है।
मुख्यमंत्री मूर्ति अनावरण करने लिफ्ट से आदि गुरु के चरणों में करेंगे पुष्पांजलिओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री 21 सितंबर को ’ एकात्मता की मूर्ति ’ का अनावरण करेंगे। सीएम के आगमन पर पचास से अधिक विभिन्न लोक कलाकारों के साथ ही 15 लोग मोर पंख लगे चंवर डुलाएंगे। इसी समय मणिपुर, ओडिशा और असम के करीब 60 कलाकार शंखनाद करेंगे। मुख्यमंत्री यज्ञ वेदी पूजन के लिए पहुंचेंगे। इस बीच बायीं ओर 21 कुंडीय यज्ञ और दायीं ओर वेद पाठ कर रहे 101 वेद पाठियों का अभिनंदन करेंगे।
350 लोक कलाकार विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे
मुख्यमंत्री मूर्ति स्थल की ओर प्रस्थान करेंगे। शैव परंपरा के तहत लगभग 350 लोक कलाकार विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। मंचों के दाएं-बाएं आदि शंकराचार्य आधारित 150 कलाकारों द्वारा नृत्य प्रस्तुतियों के बीच मुख्यमंत्री संतों का मूर्ति स्थल पर अभिवादन करते हुए पूजा स्थल पहुंचेंगे। वैदिक पूजन शुरू करते हुए मूर्ति का अनावरण करेंगे। पूजा स्थल में बाल शंकर, एक ओर विष्णु सूर्य तथा दूसरी ओर आदि शक्ति और गणेश होंगे। मुख्यमंत्री पूजा -अर्चना के बाद एकात्मता की मूर्ति का अनावरण करने के लिए लिफ्ट द्वारा आदि गरु शंकराचार्य के चरणों तक पहुंचकर पुष्पांजलि करेंगे।
मूर्ति का अनावरण समारोह गुरुवार सुबह 10.30 बजे से होगा
सीएम शिवराज सिंह चौहान देशभर के प्रमुख साधु-संतों के साथ आएंगे। सभी का स्वागत केरल की पारंपरिक पद्धति से होगा। सीएम सुबह 11.10 बजे से वैदिक यज्ञ अनुष्ठान में आहुति देंगे। इसके बाद 11.35 बजे शैव परंपरा के नृत्यों की प्रस्तुति होगी। दोपहर 12 बजे सीएम व संत मूर्ति का अनावरण और अद्वैत लोक का भूमि एवं शिला पूजन करेंगे। दोपहर 12.15 बजे से 101 बटुक वेदोच्चार एवं शंखनाद करेंगे। समारोह में आशुतोष गोवारिकर, सुनीता गोवारिकर, नीरज जोशी, अर्पण गगलानी, नीतीश भारद्वाज, आदित्य फतेपुरिया, आशीष कुलकर्णी जैसी हस्तियां भी शामिल होंगी।
ऐसी मूर्ति कहीं नहीं…
आदि शंकराचार्य की रीवा स्थित पचमठा, केदारनाथ, ओंकारेश्वर, श्रीनगर आदि स्थानों पर प्रतिमाएं हैं। केदारनाथ की 12 फीट की मूर्ति का अनावरण पीएम नरेन्द्र मोदी ने किया था। ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के पास गुफा में प्रतिमा की पूजा होती है। चारों मठ या दक्षिण के किसी मंदिर में आचार्य की ऐसी भव्य मूर्ति नहीं है।