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पर्यावरण की रक्षा के लिए लगाए डेढ़ लाख पौधे

पर्यावरण संतुलन के लिए पौधारोपण बहुत ही जरूरी है। हम अच्छे वातावरण की उम्मीद तो करते हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। बरड़ क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बूंदी सेण्ड स्टोन माइंस ऑनर विकास समिति द्वारा 18 वर्षो से पौधारोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। समिति द्वारा क्षेत्र में बंजर भूमि को चिन्हित किया जाता है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jul 21, 2024

पर्यावरण की रक्षा के लिए लगाए डेढ़ लाख पौधे

डाबी. प्लांटेशन में पौधरोपण करते हुए।

डाबी. पर्यावरण संतुलन के लिए पौधारोपण बहुत ही जरूरी है। हम अच्छे वातावरण की उम्मीद तो करते हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। बरड़ क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बूंदी सेण्ड स्टोन माइंस ऑनर विकास समिति द्वारा 18 वर्षो से पौधारोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। समिति द्वारा क्षेत्र में बंजर भूमि को चिन्हित किया जाता है। चिन्हित भूमि पर अब तक डेढ लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। पौधे लगाने के साथ ही सरंक्षण करने व मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी भी निभाई है। पौधरोपण कर अब तक कई सारे क्लोजर बनाए जा चुके है।

300 बीघा में किया गया पौधरोपण
समिति द्वारा पौधरोपण करने के लिए क्षेत्र में अब तक तीन प्लांटेशन बनाए गए हैं। नला की माताजी भवानीपुरा में लगभग डेढ़ सौ बीघा का एक प्लांटेशन है, जिसमें 80 से 90 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं देव जी का खेड़ा में लगभग 20 बीघा में 30 हजार पौधे लगाए गए हैं। गोपाल गोशाला पराणा के पास नया प्लांटेशन बनाया गया है।लगभग डेढ़ सौ बीघा के प्लांटेशन में 50 हजार पौधे अब तक रोपे जा चुके है।

प्लांटेशन में है विभिन्न किस्म के पौधे
समिति द्वारा संचालित प्लांटेशन में शीशम, नीम, आंवला, झरेल, अर्जुन, करंच, प्लास, खेर, धोक, सांगरी, महुआ, बांस, जंगल जलेबी, गुलमोहर, केसरी श्याम, शहतूत, सफेदा, जामुन, कदम, पीपल, चुरेल, प्लेटो फोर्मा, कटेल, इमली, आम सहित अन्य किस्म के पौधे रोपे गए है।

यहां से आता है प्लांटेशन के लिए फंड
क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए बूंदी सेण्ड स्टोन माइंस ऑनर विकास समिति द्वारा प्रति सेंड स्टोन से लदान की हुई गाड़ियों से 100 रुपए की लगान स्वरूप रसीद बनाई जाती है। सालाना लगभग 40 लाख रुपए लगान के तौर पर एकत्रित किए जाते है। इस रकम को क्षेत्र में पौधारोपण व पर्यावरण से सम्बंधित कामों पर खर्च किया जाता है।

12 मजदूर करते हैं वर्ष भर रखरखाव
समिति द्वारा संचालित इन प्लांटेशनो में अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा पौधे रोपे गए हैं। इन पौधों को पानी पिलाने के लिए दो ट्रैक्टर मय टैंकर लगाए गए हैं। वहीं 12 मजदूर वर्ष भर पेड़ पौधों के रखरखाव के लिए रखे गए हैं।