
महाशिवरात्रि पर आयोजित विवाह के मौके पर ऐेसे होगा शिव-पार्वती का शृंगार
वाराणसी. महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ मंदिर में रात भर शिव-पार्वती विवाह की रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान चारों पहर की आरती होगी। ये विवाह की रस्म और चार प्रहर की आरती की रस्म सप्तऋषि आरती के अर्चक निभाते हैं। आरती के प्रधान अर्चक पंडित शशिभूषण त्रिपाठी उर्फ गुड्डू महाराज ने बताया कि बाबा के विवाहोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई है। बाबा फल-फूल और मेवा का सेहरा पहनेंगे। इसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।
पहले प्रहर की आरती शुरू होगी 10.50 बजे
पहले पहर की आरती रात 10.50 से शुरू होकर रात 12.30 बजे तक चलेगी। दूसरे पहर की आरती 01-02 मार्च की मध्य रात्रि 1.20 बजे शुरू होकर 2.30 बजे तक चलेगी। तीसरे पहर की आरती 02 मार्च की भोर 03 बजे से 4.25 बजे तक होगी तो चौथे पहर की आरती सुबह 05 बजे से शुरू होगी और 6.15 पर समाप्त होगी।
पहले प्रहर की आरती में होगी द्वारपूजा
उन्होंने बताया कि पहले पहर की आरती में द्वारपूजा, दूसरे पहर में जयमाल, तीसरे पहर में सिंधुर दान और चौथे पहर की आरती में विदाई की रस्म अदा की जाएगी। उसके बाद बुधवार को नित्य की तरह पूजन-आरती जारी रहेगी और और रात्रि में बाबा की शयन आरती होगी।
11 क्विंटल फल, दो मन मेवा का होगा उपयोग
पूरे पूजन-अनुष्ठान में करीब 11 कुंतल फल, दो मन मेवा, फल की माला, इलायची की माला, मेवे की माला, रुदाक्ष का सेहरा, अवाला, मुरब्बा, अमावट, सोना चांदी, इत्र गुलाबजल, धोती, साड़ी, मंगलसूत्र, अबीर बुक्का, 11 प्रकार की मिठाई, हर प्रकार के फूल का माला, ठंडाई और भांग अर्पित किया जाएगा।
Published on:
01 Mar 2022 04:58 pm
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