18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाशिवरात्रि पर भोले का विवाहः फल-फूल और रुद्राक्ष से होगा महादेव और भगवती गौरा का विशेष शृंगार

महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में होगा बाबा विश्वनाथ और मां गौरा का विवाह। वैवाहिक कार्यक्रम परंपरागत रूप से रात्रि पर्यंत चलेंगे। रात भर अलग-अलग प्रहर में अलग-अलग आरती होगी। इसके लिए बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती के प्राकृतिक आभूषण भी तैयार किए हैं। तो जानते हैं कब क्या होगा और भोलेनाथ और मां भगवती का शृंगार कैसे होगा...

2 min read
Google source verification
महाशिवरात्रि पर आयोजित विवाह के मौके पर ऐेसे होगा शिव-पार्वती का शृंगार

महाशिवरात्रि पर आयोजित विवाह के मौके पर ऐेसे होगा शिव-पार्वती का शृंगार

वाराणसी. महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ मंदिर में रात भर शिव-पार्वती विवाह की रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान चारों पहर की आरती होगी। ये विवाह की रस्म और चार प्रहर की आरती की रस्म सप्तऋषि आरती के अर्चक निभाते हैं। आरती के प्रधान अर्चक पंडित शशिभूषण त्रिपाठी उर्फ गुड्डू महाराज ने बताया कि बाबा के विवाहोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई है। बाबा फल-फूल और मेवा का सेहरा पहनेंगे। इसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।

पहले प्रहर की आरती शुरू होगी 10.50 बजे

पहले पहर की आरती रात 10.50 से शुरू होकर रात 12.30 बजे तक चलेगी। दूसरे पहर की आरती 01-02 मार्च की मध्य रात्रि 1.20 बजे शुरू होकर 2.30 बजे तक चलेगी। तीसरे पहर की आरती 02 मार्च की भोर 03 बजे से 4.25 बजे तक होगी तो चौथे पहर की आरती सुबह 05 बजे से शुरू होगी और 6.15 पर समाप्त होगी।

ये भी पढें- महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई काशी, बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को उमड़ा भक्तों का हुजूम, देखें तस्वीरों में...

पहले प्रहर की आरती में होगी द्वारपूजा

उन्होंने बताया कि पहले पहर की आरती में द्वारपूजा, दूसरे पहर में जयमाल, तीसरे पहर में सिंधुर दान और चौथे पहर की आरती में विदाई की रस्म अदा की जाएगी। उसके बाद बुधवार को नित्य की तरह पूजन-आरती जारी रहेगी और और रात्रि में बाबा की शयन आरती होगी।

ये भी पढें- महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाहः भोलेनाथ पहनेंगे बाघम्बर, गौरा बनारसी लहंगा

11 क्विंटल फल, दो मन मेवा का होगा उपयोग

पूरे पूजन-अनुष्ठान में करीब 11 कुंतल फल, दो मन मेवा, फल की माला, इलायची की माला, मेवे की माला, रुदाक्ष का सेहरा, अवाला, मुरब्बा, अमावट, सोना चांदी, इत्र गुलाबजल, धोती, साड़ी, मंगलसूत्र, अबीर बुक्का, 11 प्रकार की मिठाई, हर प्रकार के फूल का माला, ठंडाई और भांग अर्पित किया जाएगा।

ये भी पढें- महाशिवरात्रि विशेषः जानें क्या है शिव महात्म्य, भगवान शंकर को क्यों कहा जाता है सर्वहारा का देव