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सोयाबीन कम, मक्के की बढ़ रही बोवनी

– किसानी: कृषि प्रधान सिवनी जिले में कम जोखिम वाली फसल पर किसानों का रूझान

सिवनीJun 21, 2024 / 05:29 pm

sunil vanderwar

खेत को तैयार करने में जुटे किसान।

खेत को तैयार करने में जुटे किसान।

सिवनी. पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश को देखते हुए किसान खरीफ फसल की बोवनी के लिए खेतों को तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन मानसून ने अभी दस्तक नहीं दी है। ऐसे में किसानों को अच्छी वर्षा होने का इंतजार है। हालांकि जिले के कई स्थानों पर तेज व रिमझिम वर्षा कुछ दिनों से हो रही है। वहीं किसान लगातार वर्षा होने के बाद ही बोवनी करने की बात कह रहे हैं। फसल के लिए अवश्यक मानी जाने वाली खाद को लेकर अधिकांश किसानों ने पहले ही खाद की व्यवस्था कर ली है, लेकिन बहुत से किसान अब भी खाद लेने समितियों के चक्कर काट रहे हंै। इधर कृषि विभाग ने इस बार पर्याप्त खाद होने का दावा किया है। इस साल भी किसान मक्का और धान की बोवनी करने की तैयारी में हैं। कुछ साल पहले तक जिले में किसान डेढ़ से दो लाख हैक्टेयर में सोयाबीन की फसल लगाते थे। मौसम की मार से सोयाबीन की फसल खराब होने के साथ अच्छे दाम नहीं मिलने के कारण किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों व कृषि विज्ञानियों की सलाह पर सोयाबीन के स्थान पर मक्का लगाना शुरू कर दिया है।

ज्यादा उत्पादन के लिए खाद की मांग-
जिले में खाद की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त खाद दिलाने के लिए प्रशासन भी विशेष ध्यान दे रहा है। जिले में रेल परिवहन के जरिये हाल ही के दिनों में सिवनी जिले के लिए स्टॉक पहुंचा है। जिसको फिलहाल जिले में किसानों की संख्या के मुताबिक वितरण किया जा रहा है।
पलारी गांव के किसान राजेंद्र ठाकुर, सिमरिया के किसान प्रमोद सनोडिया समेत अन्य किसानों ने बताया है कि मक्का की फसल में अन्य फसलों की अपेक्षा अधिक खाद की आवश्यकता पड़ती है। इसके कारण बीते कुछ सालों से खाद की मांग बढ़ गई है ।वहीं किसान अच्छी फसल लेने के चक्कर में सभी फसलों में भरपूर खाद का उपयोग कर रहे हैं। इसके कारण खाद की मांग ज्यादा बढ़ रही है। पिछले साल किसानों को खाद के लिए काफी मशक्कत के साथ समितियों के अनेक चक्कर काटने पड़े थे। इस बार विभाग ने खाद पर्याप्त उपलब्धता करने के प्रयास किए हैं। इसके कारण कुछ समितियों को छोडकऱ ज्यादातर समितियों में किसानों को खाद मिल रही है। बाजार में भी इस बार खाद का स्टाक उपलब्ध है। अब तक किसानों ने सबसे ज्यादा यूरिया खाद की मांग की है।

एक्सपर्ट व्यू
सिवनी जिले में सबसे अधिक संख्या छोटे किसानों की है। ये किसान खेती पर आश्रित हैं। किसान कम से कम जोखिम वाली फसलों को ही लगाने पर अधिक ध्यान देते हैं, ताकि उनको उत्पादन मिलता रहे। अब शासन-प्रशासन को चाहिए कि किसानों को अन्य फसल के लिए प्रेरित करने खाद-बीज, बोवनी, कटाई, उपार्जन में भी प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
राजकुमार डहेरिया, किसान

&जिले में मक्का उत्पादक किसानों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। साथ ही खाद की मांग बढऩे से पूर्ति और स्टॉक के प्रयास हैं। पिछले वर्ष अधिक वर्षा होने के कारण किसानों को मक्के की फसल में फसल क्षति हुई थी। मक्के की फसल में अधिक वर्षा के कारण क्षति को कम करने रेज्ड बेड पर मक्का लगाने की सलाह दी जा रही है। इस वर्ष खरीफ सीजन शुरू होने के पहले ही रेज्ज बेड पर मक्का लगाने की रेजर एवं रेजर कम प्लान्टर की मांग बढ़ी है। मोरिस नाथ, उप संचालक, कृषि विकास विभाग

&जिले में मक्का की बोवनी का रकबा लगातार बढ़ रहा है। इस साल सोयाबीन का लक्ष्य 15 हजार हे. तक है। दो लाख हे. धान और उसके बाद 1.88 लाख हे. मक्का की बोवनी की जाएगी।
प्रफुल्ल घोडेश्वर, सहायक उप संचालक कृषि

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