
हालात के आगे हारी नहीं हिमानी
नेत्रहीन होने के बावजूद 12 कला वर्ग में 92.40त्न अंक प्राप्त किए
खेरली कस्बे की बालिका हिमानी जैन ने नेत्रहीन होने के बावजूद सामान्य विद्यार्थियों की तरह विद्यालय में अध्ययन कर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12 कला वर्ग में 92.40त्न अंक प्राप्त किए। छात्रा को भूगोल एवं राजनीति विज्ञान विषय में 99 अंक मिले हैं एवं अंग्रेजी साहित्य में 83 अंक प्राप्त हुए हैं वहीं अंग्रेजी एवं हिंदी अनिवार्य में 90 और 91 अंक मिले हैं। छात्रा के परिजनों एवं समस्त रिश्तेदारों सहित सभी ने बालिका के हौसले की प्रशंसा की है।
हिमानी के पिता उमेश जैन बेकरी की दुकान करते हैं। हिमानी का जन्म समय से पूर्व यानी साढ़े पांच माह में हुआ था। चिकित्सकों ने इलाज नहीं कराने की सलाह दी, परंतु हिमानी की दादी ने उसका उपचार कराया। ढाई माह तक मशीन में रखने के बाद हिमानी की जान तो बच गई, लेकिन आंखों की रोशनी चली गई। बालिका का जयपुर एवं दिल्ली के एम्स अस्पताल में नेत्रों का उपचार कराया लेकिन सफलता नहीं मिली। परंतु बालिका के परिजनों एवं बालिका ने हौसला नहीं खोया समय आने पर बालिका को विद्यालय में प्रवेश दिलाया।
हिमानी ने श्रवण शक्ति की मदद से पढ़ाई की। हिमानी ने कक्षा 10 में 84.50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। हिमानी को गाने के साथ हारमोनियम बजाना भी आता है। अब ये एसटीसी कर रही हैं।
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Updated on:
11 Oct 2025 06:23 pm
Published on:
11 Oct 2025 06:23 pm
