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टमाटर के बंपर उत्पादन से सुधरी किसानों की आर्थिक हालत

क्षेत्र के ग्राम मांगली कला व बड़ा नयागांव गांव क्षेत्र व आसपास के गांवों में इन दोनों टमाटर का बंपर उत्पादन होने से यहां से गुजरात एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में बिकने जा रहा है। रिकार्ड उत्पादन होने से किसान भी खुश नजर आ रहे हैं।

बूंदीJun 17, 2024 / 07:42 pm

पंकज जोशी

टमाटर के बंपर उत्पादन से सुधरी किसानों की आर्थिक हालत

हिण्डोली. मांगलिक कला में टमाटर की फसल को तोड़ते किसान।

हिण्डोली. क्षेत्र के ग्राम मांगली कला व बड़ा नयागांव गांव क्षेत्र व आसपास के गांवों में इन दोनों टमाटर का बंपर उत्पादन होने से यहां से गुजरात एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में बिकने जा रहा है। रिकार्ड उत्पादन होने से किसान भी खुश नजर आ रहे हैं।
जानकारी अनुसार हिण्डोली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़ानया गांव मांगली कला, चेता, गुढ़ा बांध, चतरगंज, अलोद, अणतगंज, ठीकरदा, बड़ौदिया सहित कई गांवों में इन दोनों टमाटर का बंपर उत्पादन हो रहा है । किसान परिवार दिनभर खेतों में रहकर पक्के टमाटर की तुड़ाई कर रहे हैं।शाम को उन्हें कैरेट को व्यापारी खेतों में आकर ही टमाटर की खरीद कर रहे हैं। टमाटर की थोक रेट 8 से 12 रुपए किलो है।
यहां का टमाटर सलाद व सॉस बनाने में काफी उपयोगी होने के कारण अन्य राज्य में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। यहां से 70 से अधिक लोडिंग वाहन में टमाटर भरकर किसान मंडियों में बेचने ले जा रहे हैं। ग्राम पंचायत मांगलीकला के किसान सीताराम सैनी, शंकर लाल, सुरेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र से प्रतिदिन 70 से अधिक वाहन टमाटर की भरकर गुजरात व मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा सहित कई शहरों की मंडियों में बेचने ले जा रहे हैं।
400 हेक्टेयर से अधिक में है बुवाई
कृषि विभाग के अधिकारी बताते हैं कि बड़ा नयागांव क्षेत्र में टमाटर की करीब 400 हेक्टेयर से अधिक बुवाई हुई है। यहां का टमाटर काफी प्रसिद्ध है, टमाटर का उत्पादन रिकॉर्ड होने से किसानों की माली हालत में भी काफी सुधार हो रहा है।यहां के किसान सब्जी के प्रति अधिक जागरूक हैं एवं फसल की रखरखाव का पूरा ध्यान रखते हैं।
ऐसे की जाती है टमाटर की खेती
किसान कुशाल सैनी, आमोद शर्मा, शिवराम गुर्जर ने बताया कि जनवरी माह में टमाटर का बाजार तैयार किया जाता है। बाजार तैयार करने में करीब 25 से 30 दिन का समय लगता है। उसके बाद खेतों को तैयार कर फरवरी माह में टमाटर के पौधों की रोपाई की जाती है। उसके बाद 60 दिन में फलाव लगना शुरू हो जाता है । टमाटर पकने पर उन्हें तोड़कर कैरेट में भरकर मेटाडोर में भरकर शहरों की मंडियों में बेचने ले जाया जाता है।
तेज गर्मी से होने लगी टमाटर की फसल खराब
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टमाटर की फसल अच्छी हो रही है, लेकिन इन दिनों भीषण गर्मी के कारण पौधे झुलसने लगे हैं, जिन पौधों में पते कम हैं, उसका फल खराब हो रहा है एवं टमाटर सड़ जाता है।
हिण्डोली क्षेत्र में सर्वाधिक टमाटर मांगली कला बड़ा नयागांव क्षेत्र में होता है। यहां पर मेज नदी के कारण पानी की कमी नहीं है। ऐसे में गर्मी में भी सब्जी की फसल तैयार होती है। इसका लाभ किसानों को सीधा मिल रहा है।फसलों के दाम अच्छे मिलने से किसानों की माली हालत में काफी सुधार हो रहा है।
सीताराम सैनी, किसान मांगली कला।
टमाटर के दाम शुरू में अच्छे रहे, लेकिन बाद में कुछ गिर गए हैं ।ऐसे में किसानों को पूरा फायदा नहीं मिल रहा है। किसान दिन भर भीषण गर्मी में खेतों में रहकर टमाटर की फसल को तोड़कर एकत्र कर रहे हैं ।
आमोद शर्मा, किसान।
क्षेत्र के मांगली कला व बड़ा नया गांव एरिया में शुरू से ही सब्जी की फसल का उत्पादन होता आ रहा है। ऐसे में इस बार टमाटर का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। बाहरी व्यापारियों से टमाटर खरीद कर विभिन्न शहरों की मंडियों में बेचने ले जा रहे हैं।गर्मी के कारण फलों में कुछ कमी आई हैं।
बाबूलाल मीणा, सहायक कृषि अधिकारी बड़ानयागांव।

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