5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर के जंगलों का खौफनाक सच आएगा सामने, पुलिस अफसर हिमांशु सिंह राजावत ने 2019 के मर्डर केस पर बनाई फिल्म ‘सागवान’

उदयपुर और प्रतापगढ़ के जंगलों में डरावनी हकीकत अब सामने आ रहीं है। सागवान के घने जंगलों में छिपी एक ऐसी ही खौफनाक सच्चाई अब बड़े पर्दे पर आने जा रही है।

2 min read
Google source verification

उदयपुर और प्रतापगढ़ के जंगलों में डरावनी हकीकत अब सामने आ रहीं है। सागवान के घने जंगलों में छिपी एक ऐसी ही खौफनाक सच्चाई अब बड़े पर्दे पर आने जा रही है। सालों तक पुलिस की फाइलों में दबी रही इस सच्चाई पर आधारित फिल्म ‘सागवान’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए हैं और इसे लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है।

फिल्म ‘सागवान’ में लीड किरदार में नजर आ रहे हैं हिमांशु सिंह राजावत, जो कोई प्रोफेशनल एक्टर नहीं, बल्कि राजस्थान पुलिस के सीनियर और चर्चित अधिकारी हैं। राजावत वर्तमान में उदयपुर जिले के सीआईडी विभाग में तैनात हैं। पहले वे सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में भी सुर्खियों में रह चुके हैं। दर्शक एक असली पुलिस अफसर को उसी वर्दी और उसी तेवर में पर्दे पर देखेंगे। हिमांशु की एक्टिंग में दिखावा नहीं, बल्कि वह सच्चाई झलकती है, जिसे उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान जिया है।

2019 के खौफनाक केस से निकली कहानी..

राजावत ने बताया कि साल 2019 में प्रतापगढ़ और धरियावद में तैनाती के दौरान एक ऐसा केस आया, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। एक मासूम लड़की की हत्या की जांच के दौरान जो सच्चाई सामने आई, वही इस फिल्म की बुनियाद बनी।फिल्म में दिखाया गया है कि दक्षिणी राजस्थान के कुछ इलाकों में आज भी अंधविश्वास किस कदर लोगों की सोच पर हावी है। एक तांत्रिक के बहकावे में आकर एक युवक सिद्धि पाने के लालच में निर्दोष जिंदगियों को खत्म कर देता है। सागवान के घने जंगलों में रात के अंधेरे में होने वाली ये घटनाएं दिल दहला देने वाली हैं।

किसी समाज पर नहीं, अंधविश्वास पर चोट..

फिल्म निर्माता प्रकाश मेनारिया और सह-निर्माता अर्जुन पालीवाल का साफ कहना है कि ‘सागवान’ का मकसद किसी धर्म, जाति या समुदाय को बदनाम करना नहीं है। यह फिल्म उस सामाजिक बीमारी के खिलाफ है, जो आज भी अंधविश्वास के रूप में समाज में जिंदा है।

सागवान नाम इसलिए रखा फिल्म का..

फिल्म का नाम ‘सागवान’ इसलिए रखा गया, क्योंकि इसकी शूटिंग मेवाड़ और प्रतापगढ़ के उन इलाकों में हुई है। जहां सागवान के जंगल बड़ी संख्या में हैं। यह कहानी आदिवासी समाज पर नहीं, बल्कि अंधविश्वास की मानसिकता पर आधारित है। फिल्म से होने वाली कमाई का एक हिस्सा समाज कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा।

बड़े स्टार आएंगे फिल्म में नजर..

फिल्म में हिमांशु सिंह राजावत के साथ कई जाने-माने कलाकार नजर आएंगे। सयाजी शिंदे अपनी गूंजती आवाज और मजबूत अभिनय से कहानी को और प्रभावशाली बनाते हैं। मिलिंद गुणाजी रहस्य और डर के माहौल को गहराई देते हैं। इसके अलावा एहसान खान और रश्मि मिश्रा ने अपने किरदारों से फिल्म को भावनात्मक मजबूती दी है।