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बंद किए बाणसागर डैम के तीन गेट, पैदल रेस्क्यू कर रात 11 बजे नदी से मछुआरों को सुरक्षित निकाला

7 घंटे पेड़ पर बैठकर बचाई जान, पानी कम होने पर किया रेस्क्यू

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शहडोल. कुमिहा सोन नदी में फंसे दो मछुआरों को देर रात एसडीइआरएफ व पुलिस की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया है। विजय कोल व राजेश कोल सोमवार को नदी में मछली मार रहे थे, तभी बाणसागर बांध के तीन गेट खुलने से पानी के तेज बहाव के बीच नदी फंसे गए थे। होमगार्ड व एसडीइआरफ की सात सदस्यीय टीम पहुंची तो पानी का बहाव तेज था। जिसकी वजह से नदी में उतर नहीं पा रहे थे। बाद में कलेक्टर ने 3 गेट बंद कराए, जिसके बाद रात 11 बजे मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

पेड़ तक आ रहा था पानी, बोट उतारना भी संभव नहीं था
रेस्क्यू टीम के अनुसार, मछुआरे 7 घंटे से पेड़ पर चढ़े थे। जलस्तर बढऩे से पेड़ तक पानी आ रहा था। रात होने की वजह से नदी में बोट उतारना भी मुश्किल था। इसके चलते पैदल नदी पार कर मछुआरों तक पहुंचने का निर्णय लिया लेकिन नदी में भी गड्ढे थे। बाद में किसी तरह रेस्क्यू किया।

7 घंटे बंद रहे 3 गेट, रेस्क्यू के बाद फिर शुरू किया
बाणसागर प्रबंधन के अनुसार, बांध के तीनों गेटों को 4 घंटे के लिए बंद किया गया। नदी का पानी कम होने पर रात करीब 11 बजे दोनों टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। जिसके बाद फिर गेट को बंद किया गया। प्रबंधन ने बताया कि मंगलवार को बांध में पानी की आवक क्षमता 1100 क्यूमेक्स थी।

इनका कहना है
मछुआरों के फंसे होने की जानकारी लगते ही बांध के गेटों को बंद किया गया था, जिसके बाद दोनों मछुआरों को सुरक्षित निकाला गया। रात करीब 12 बजे फिर बांध के गेट खोल दिए गए।
विनोद झा, कार्यपालन यंत्री बाणसागर परियोजना